सिद्धू के सामने चुनाव लड़ने की चुनौती के बीच अमरिंदर का बड़ा दांव, जानिए क्या होगा उनकी नई पार्टी का नाम
कैप्टन अमरिंदर सिंह कांग्रेस पार्टी का दामन छोड़ कर पंजाब विकास पार्टी के नाम से वह अपनी पार्टी बना सकते हैं।
चंडीगढ़, अक्टूबर 2, 2021। पंजाब विधानसभा चुनाव के दिन नज़दीक आ रहे हैं, सभी सियासी पार्टिंयां चुनावी रण में उतरने के लिए कमर कस चुकी हैं। वहीं पंजाब कांग्रेस में सियासी कलह जारी है। कैप्टन अमरिंदर सिंह कांग्रेस पार्टी का दामन छोड़ कर पंजाब विकास पार्टी के नाम से वह अपनी पार्टी बना सकते हैं। साथ ही कैप्टन अमरिंदर सिंह यह भी कहते हुए नज़र आ रहे हैं कि नवजोत सिंह सिद्धू कहीं से भी चुनाव लड़ेंगे उन्हें जीतने नहीं दूंगा। कैप्टन के इस बयान पर अमृतसर साउथ हलका के विधायक इंदरबीर सिंह बुलारिया ने तंज़ कसते हुए कहा कि सिद्धू के सामने कैप्टन अमरिंदर सिंह मज़बूत कैंडिडेट खड़ा करने की बात कह रहे हैं तो उनसे मज़बूत कौन है। वह ख़ुद नवजोत सिंह सिद्धू के सामने चुनाव लड़ कर देख लें, हकीकत सामने आ जाएगी।

'सरकार बढ़िया काम कर रही है'
विधायक इंदरबीर सिंह बुलारिया ने कि कैप्टन अमरिंदर सिंह जनता के वादों पर खड़े नहीं उतर पाए। अब कांग्रेस में बदलाव के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं का विश्वास लौटा है। उन्होंने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ कोई सांसद या विधायक नहीं जाएगा यह मैं लिखकर देने के लिए तैयार हूं। बुलारिया ने कहा कि सिद्धू के सलाहकार पूर्व डीजीपी मोहमद मुस्तफा ने ठीक कहा है। सिद्धू रूठे नहीं हैं सिर्फ विचार-विमर्श का सिलसिला चला है। अब तख्ता पलट के बाद सरकार बढ़िया काम कर रही है,जल्द ही इसके अच्छे नतीजे सामने आएंगे।

CM चन्नी और सिद्धू की तारीफ़
विधायक बुलारिया ने कहा कि नया सिस्टम खड़ा करने में परिवार के बीच मतभेद हो जाता है लेकिन अब सबकुछ ठीक हो चुका है। विधायक बुलारिया ने कहा कि पंजाब सरकार में जो पिछले साढ़े 4 साल में नहीं हुआ वो अब 4 चार महीने में हो जाएगा। नवजोत सिंह सिद्धू के सुपर सीएम होने वाली कोई बात नहीं है। हर पार्टी एजेंडे के साथ ही चुनाव लड़ती है। पार्टी का अध्यक्ष सुप्रीम होता है उसके दिशा निर्देश से ही सरकार चलानी होती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी काबिल हैं लेकिन पार्टी अध्यक्ष के दिशा निर्देश के साथ काम करना चाहिए।

कैप्टन की पार्टी का नाम
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पंजाब विकास पार्टी के नाम से जल्द ही नई राजनीतिक पार्टी बना सकते हैं। पार्टी की घोषणा से पहले अमरिंदर ने अपने करीबी नेताओं से संपर्क साध लिया है। इस पार्टी में नवजोत सिंह सिद्धू के विरोधियों को भी शामिल किया जाएगा। अमरिंदर को कुछ दिन पहले CM की कुर्सी छोड़नी पड़ी थी। इसके बाद वह दिल्ली दौरे पर गए। यहां गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से मुलाकात की थी। इसके बाद उन्होंने कह दिया कि वो कांग्रेस में नहीं रहेंगे। उन्होंने भाजपा में जाने से भी इनकार किया था। अमरिंदर ने CM की कुर्सी छोड़ने के बाद नवजोत सिद्धू पर बड़ा हमला किया था। कैप्टन ने कहा था कि वो सिद्धू को किसी भी कीमत पर जीतने नहीं देंगे। सिद्धू के खिलाफ मजबूत कैंडिडेट खड़ा करेंगे। इससे अंदाजा लगाया जा रहा था कि कैप्टन जल्द कोई नई पार्टी बनाएंगे।

पार्टी बनाने की रणनीति तैयार
सूत्रों की मानें तो कैप्टन अमरिंदर सिंह अपने करीबी नेताओं से मिलकर यह पार्टी बना रहे हैं। इसमें मंत्रिमंडल से बाहर हुए करीबी मंत्रियों के साथ संगठन से किनारे किए नेता शामिल होंगे। इसके बाद इसमें सिद्धू से नाराज नेता मिलाए जाएंगे। अंत में चुनाव के नजदीक आने पर कैप्टन के करीबी कांग्रेसियों की टिकट कटनी तय है। तब बाकी दावेदारों को पार्टी में शामिल कर मजबूत किया जाएगा। कैप्टन पूरी तरह से कांग्रेस को ही झटका देने के मूड में हैं। कैप्टन के इस कदम से पंजाब की कांग्रेस सरकार को भी खतरा हो सकता है। कैप्टन के करीबी विधायक और पूर्व मंत्री कांग्रेस छोड़ सकते हैं। ऐसे में CM चरणजीत चन्नी की सरकार पर अल्पमत का खतरा मंडरा सकता है। खास बात यह है कि कैप्टन 2 दिन पहले ही गृह मंत्री और NSA को मिलकर आए हैं। वापस लौटने पर उन्होंने पंजाब के लिहाज से राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर खतरा बताया था। मौजूदा CM चरणजीत सिंह चन्नी की राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर अनुभव पर वो पहले ही चिंता जता चुके हैं।
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किसान आंदोलन ख़त्म करवाने पर ज़ोर
कैप्टन अमरिंदर सिंह की यह पार्टी किसान आंदोलन खत्म करवाने पर फोकस रखेगी। माना जा रहा है कि इस संगठन के जरिए कैप्टन कृषि सुधार कानूनों का विरोध करेंगे। कैप्टन पहले भी मुख्यमंत्री रहते हुए किसानों को पूरा समर्थन देते रहे हैं। पंजाब की राजनीति में अगले साल होने वाले चुनाव में किसानों का मुद्दा सबसे अहम है। ऐसे में कृषि कानूनों का मुद्दा हल करवाकर कैप्टन पंजाब की सियासत में नई पार्टी से भी अपना दबदबा बना सकते हैं। इसके लिए कैप्टन ने किसान नेताओं के साथ भी संपर्क किया है। शिरोमणि अकाली दल (बादल) से टूटकर बने अकाली दल (टकसाली) ने भी कैप्टन अमरिंदर सिंह को साथ आने का ऑफर दिया है। अकाली दल टकसाली नेता सुखदेव सिंह ढींढसा ने कहा कि अगर अमरिंदर आते हैं तो वो उनके साथ गठजोड़ के लिए तैयार हैं। पंजाब में वह नया फ्रंट बना सकते हैं। इसके अलावा कृषि सुधार कानूनों का भी इसके जरिए हल निकाला जा सकता है।
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