आप सांसद सुशील रिंकू बोले, सरकार दबाव से अपनी बात मनवाना चाहती है
संसद के भीतर हुए स्मोक कांड को लेकर लगातार हंगामा जारी है। सदन के भीतर विपक्ष के नेता इस मुद्दे पर सरकार को लगातार घेर रहे हैं। इस बीच कई सांसदों को सदन से सस्पेंड कर दिया गया। आम आदमी पार्टी के सुशील रिंकू को भी सदन से सस्पेंड कर दिया गया।
सुशील रिंकू के खिलाफ हुई कार्रवाई पर आम आदमी पार्टी ने तीखा हमला बोला है। पार्टी ने इस कार्रवाई को भेदभाव की कार्रवाई बताते हुए इसे तानाशाही करार दिया है। गौर करने वाली बात है विपक्ष के 142 सांसदों को अबतक सस्पेंड किया जा चुका है। जिसको लेकर आम आदमी पार्टी ने मोदी सरकार को आड़े हाथ लिया है।

पार्टी की ओर से कहा गया है कि जब नाश मनुज पर छाता है, पहले विवेक मर जाता है। लोकसभा में आम आदमी पार्टी के सांसद सुशील रिंकू के निलंबन के साथ ही अबतक कुल 142 विपक्षी सांसदों को सस्पेंड करना केंद्र सरकार की तानाशाही की जाता जागता प्रमाण है। सत्ता के घमंड में चूर पहले भी कई तानाशाहों ने भारत का लोकतंत्र खत्म करने की कोशिश की, सारे औंधे मुंह गिरे। हम इन हथकंडों से डरने वाले नहीं हैं। संविधान की रक्षा के लिए हम अपनी आवाज़ उठाते रहेंगे
वहीं लोकसभा से सस्पेंड होने के बाद सुशील रिंकू ने कहा कि सच की बात करने वाले, सवाल पूछने वाले आज जितने भी माननीय सदस्य हैं उन्हें सस्पेंड कर दिया गया। जो लोग हाउस में गाली दे रहे हैं, जिनकी वजह से हाउस में वो कांड हुआ, उन्हें सस्पेंड करने की बजाए, जो लोग सच की बात उठा रहे हैं, जनता की आवाज उठा रहे हैं, उन्हें स्पीकर ने सस्पेंड कर दिया। देश की जो सरकार है दबाव के साथ अपनी बात मनवाना चाहती है, लेकिन ऐसे लोग नहीं मानेंगे। पूरा भारत देख रहा है कि संसद के भीतर कितनी गंदी राजनीति हो रही है। हम सब एक हैं, इसका डटकर जवाब देंगे और डटकर मुकाबला करेंगे।












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