पुणे पोर्श कार हादसे के आरोपी के पिता को मिली जमानत
पुणे कोर्ट ने पोर्श कार हादसे में नाबालिग आरोपी के पिता विशाल अग्रवाल को जमानत दे दी है। नाबालिग आरोपी के पिता को जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया था। उनपर आरोप था कि उन्होंने अपने नाबालिग बेटे को बिना ड्राइविंग लाइसेंस के कार चलाने की इजाजत दी।
नाबालिग पर आरोप है कि वह 19 मई को नशे की हालत में लग्जरी कार को बहुत तेज रफ्तार से चला रहा था। आरोपी ने एक बाइक सवार को रौंद दिया था, जिसमे दो सॉफ्टवेयर इंजीनियर अनीश अवधिया और अश्विनी कोश्टा की मौत हो गई थी।

आरोपी के पिता विशाल अग्रवाल रियल स्टेट व्यापारी हैं, उन्हें और उनकी पत्नी शिवानी के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। आरोप है कि इन लोगों ने आरोपी के ब्लड सैंपल को बदला था, जिसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया था।
पुणे सेशन कोर्ट ने 10 दिन पहले इस मामले में दलीलों को सुना और आज आरोपी के पिता को जमान दे दी। एडवोकेट प्रशांत पाटिल जोकि विशाल अग्रवाल की पैरवी के लिए कोर्ट में पेश हुए उन्होंने बताया कि मेरे मुवक्किल को कोर्ट ने जमानत दे दी है। यह उनकी जिम्मेदारी है कि वह कोर्ट द्वारा शर्तों का पालन करें और जांच एजेंसी की जांच में मदद करें।
पुलिस की जांच में यह बात सामने आई कि आरोपी माता-पिता ने ब्लड सैंपल को बदलने के लिए 3 लाख रुपए की घूस दी थी ताकि बेटे का नशे की हालत में कार चलाने का सच सामने ना आ सके। यह घूस जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के कार्यालय के भीतर दिया गया था। जिसके बाद आरोपी नाबालिग को रिहा कर दिया गया।
एफएसएल की रिपोर्ट में यह बात सामने आई कि पहले ब्लड सैंपल में एल्कोहल नहीं था। जिसके बाद संदेह पैदा हुआ। इसके बाद दोबारा ब्लड टेस्ट दूसरे अस्पताल में किया गया। गौर करने वाली बात है कि नाबालिग आरोपी को 25 जून को होम ऑब्जर्वेशन में रखा गया है।












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