Pilibhit News: नेपाल सीमा के पास गांवों में धर्मांतरण का बढ़ता जाल, पादरियों की भूमिका पर उठ रहे सवाल
Pilibhit News: भारत-नेपाल सीमा के पास पीलीभीत जिले के ग्रामीण इलाकों में इन दिनों एक नया सामाजिक विवाद जन्म ले रहा है। यहां सिख समुदाय के बीच बड़े पैमाने पर धर्मांतरण की खबरें सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पादरी उन्हें ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं, और इसके लिए आर्थिक मदद के वादे किए जा रहे हैं।
इस मामले को लेकर बेल्हा गांव के रहने वाले और गुरुद्वारा कमेटी के सचिव पीजी सिंह ने प्रशासन को बाकायदा लिखित शिकायत दी है। उन्होंने आरोप लगाया है कि गांव में रह रहे राय सिखों को निशाना बनाकर, उन्हें ईसाई धर्म अपनाने के लिए उकसाया जा रहा है।

स्थानीय ग्रामीणों का दावा है कि धर्मांतरण के पीछे हरियाणा, नेपाल और अन्य राज्यों से आए कुछ पादरी हैं, जो लोगों को मुफ्त शिक्षा, घर बनाने के लिए पैसे और स्वास्थ्य लाभ जैसी बातों का लालच देकर चर्च तक ले जाते हैं। इससे सिख समुदाय में काफी नाराजगी है।
गांवों में बन रहे चर्च, रोका गया निर्माण
बेल्हा गांव में ही एक युवक ने पादरियों के संपर्क में आने के बाद अपने प्लॉट पर चर्च का निर्माण शुरू कर दिया। जब स्थानीय लोगों को इस बात की भनक लगी तो उन्होंने प्रशासन से शिकायत की। इसके बाद निर्माण कार्य पर तुरंत रोक लगा दी गई।
यह केवल एक गांव की कहानी नहीं है। सीमाई क्षेत्र के दर्जनों गांवों में यही पैटर्न देखने को मिल रहा है। इन गांवों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति काफी कमजोर है, जिससे लोग जल्दी ही लालच में आकर धर्मांतरण की ओर झुक जाते हैं।
झोपड़ियों में रहने वाले परिवार बन रहे आसान निशाना
इन इलाकों में अधिकतर लोग झोपड़ीनुमा मकानों में रहते हैं। उन्हें बहकाकर ईसाई धर्म अपनाने को मजबूर किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि अब कई घरों में ईसा मसीह की तस्वीरें लगाई जा रही हैं, बाइबल पढ़ी जा रही है, और लोग इबादत करने लगे हैं।
यहां तक कि कुछ महिलाओं ने यह तक बताया कि ईसाई धर्म अपनाने के बाद उन्हें इलाज में आराम मिला है और भविष्य में पक्का घर मिलने की उम्मीद है। इसी उम्मीद में कई लोग अपना धर्म बदल चुके हैं।
मामला उजागर होने पर धार्मिक चिन्ह हटाए जा रहे
मामला जब सार्वजनिक हुआ तो कुछ परिवारों ने अपने घरों से ईसाई धर्म के चिन्ह हटा दिए हैं। कई लोगों ने यह भी कहा है कि वे अब फिर से अपने पुराने धर्म में लौटना चाहते हैं। इस पूरे मामले को लेकर इलाके और जिले में हडकंप मचा है।
धर्म परिवर्तन को लेकर गांवों में आपसी विश्वास की डोर कमजोर हो रही है। वहीं इस मामले को लेकर सामाजिक संगठनों की मांग है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो।
डीएम ने लिया संज्ञान, दर्ज हुआ केस
इस मामले में हजारा थाने में एक पीड़ित परिवार ने आठ नामजद और लगभग चार दर्जन अज्ञात लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। इन लोगों पर धोखे से धर्म परिवर्तन कराने और लालच देने का आरोप है।
नवागत जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने इस गंभीर मामले का संज्ञान लिया है और जांच के निर्देश दिए हैं। प्रशासन की ओर से कहा गया है कि धर्मांतरण की घटनाओं को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।












Click it and Unblock the Notifications