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अमेरिका की चीन को चेतावनी के बीच सिंगापुर पहुंची नैंसी पेलोसी

सिंगापुर में नैंसी पेलोसी ने प्रधानमंत्री के साथ मुलाकात की

ताइपे, 02 अगस्त। व्हाइट हाउस ने चीन को सोमवार को अमेरिकी संसद के सदन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की अध्यक्ष नैंसी पेलोसी के ताइवान दौरे के संबंध में अपनी बयानबाजी को कम करने की चेतावनी दी. अमेरिका ने कहा है कि बीजिंग के लिए तनाव बढ़ाने का कोई कारण नहीं है.

नैंसी पेलोसी अपनी चार दिवसीय एशिया यात्रा के पहले चरण में सिंगापुर पहुंची और यह अभी भी स्पष्ट नहीं है कि वह ताइवान का भी दौरा करेंगी या नहीं.

व्हाइट हाउस ने चीन को चेतावनी दी है कि वह हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की अध्यक्ष पेलोसी की ताइवान की संभावित यात्रा पर अपनी बयानबाजी को कम करे क्योंकि बीजिंग के पास तनाव बढ़ाने का कोई औचित्य नहीं है. व्हाइट हाउस ने इस बात पर जोर दिया है कि यह अंततः पेलोसी पर निर्भर है कि वह ताइवान की यात्रा करे या नहीं.

रिपोर्टों के मुताबिक व्हाइट हाउस और अमेरिकी विदेश विभाग दोनों इस समय पेलोसी के ताइवान दौरे के पक्ष में नहीं हैं. इस बीच, बीजिंग ने इस यात्रा को अत्यधिक उत्तेजक बताते हुए द्वीप के चारों ओर अपनी सैन्य उपस्थिति को और बढ़ा दिया है.

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन का कहना है कि अमेरिकी सेना को लगता है कि इस समय पेलोसी की ताइवान यात्रा "एक अच्छा विचार नहीं है."

व्हाइट हाउस ने तब सोमवार को चेतावनी दी थी कि चीन पेलोसी की ताइवान यात्रा का सैन्य उकसावे के साथ जवाब दे सकता है. व्हाइट हाउस राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा कि इसके तहत चीन ताइवान के पास सैन्य गतिविधियों को बढ़ा सकता है.

उन्होंने पत्रकारों से कहा, "स्पीकर को ताइवान जाने का अधिकार है." किर्बी ने कहा कि अमेरिका भयभीत नहीं होगा और प्रशांत क्षेत्र में मुक्त आवाजाही जारी रखेगा.

बढ़ते तनाव के बीच चीन और ताइवान में टकराव की नौबत?

लेकिन उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि संप्रभु द्वीप के प्रति अमेरिकी नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है और अमेरिका ताइवान पर चीन की संप्रभुता को मान्यता देना जारी रखेगा. उन्होंने कहा, "कुछ भी नहीं बदला है. निश्चित रूप से इसको बढ़ाने का कोई कारण नहीं है."

मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि पेलोसी मंगलवार या बुधवार को ताइवान का दौरा कर सकती हैं. अगर पेलोसी ताइवान जाती हैं तो 25 वर्ष में वहां की यात्रा करने वालीं वह अमेरिका की सबसे उच्च पद पर बैठी अधिकारी होंगी. 25 साल पहले उन्हीं के पूर्ववर्ती न्यूट गिंगरिच ने ताइवान का दौरा किया था. न तो ताइवान के विदेश मंत्रालय और न ही उनके आधिकारिक यात्रा कार्यक्रम में इस यात्रा का कोई जिक्र है.

सोमवार को पेलोसी ने अपनी यात्रा की शुरुआत सिंगापुर से की. वहां उन्होंने प्रधानमंत्री ली हसिइन लूंग से मुलाकात की है.

पेलोसी सिंगापुर के अलावा मलेशिया, दक्षिण कोरिया और जापान का दौरा करेंगी. कई ताइवानी मीडिया रिपोर्टों में अज्ञात सूत्रों का हवाला देते हुए बताया है कि पेलोसी मंगलवार को ताइवान का दौरा करेंगी और ताइपे में रात बिताएंगी.

इससे पहले चीन ने सोमवार को धमकी दी थी कि अगर पेलोसी ताइवान का दौरा करती हैं तो उसकी सेना "चुप नहीं बैठेगी."

चीन पहले भी कह चुका है कि जरूरत पड़ी तो ताइवान को अपने नियंत्रण में लेने के लिए वह बल प्रयोग से भी नहीं झिझकेगा. वह कई बार ताइवानी वायु क्षेत्र में लड़ाकू विमानों को उड़ाकर अपनी मंशाओं का मुजाहिरा कर चुका है. इन गतिविधियों के बारे में उसकी सफाई है कि द्विपीय देश की स्वतंत्रता की हिमायत करने वालों को संदेश देने के लिए ये कार्रवाइयां की गईं.

एए/सीके (एपी, एएफपी, रॉयटर्स, डीपीए)

Source: DW

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