क्या बढ़ेगी बिहार असेंबली में मुसलमानों की तादाद?
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) बिहार विधानसभा में वर्तमान में मात्र 15 मुसलमान विधायक है। हालांकि साल 2011 की जनगणना में बिहार में मुसलमानों की आबादी 17 फीसद थी। 243 सदस्यीय विधानसभा में मुसलमानों की भागेदारी काफी कम मानी जा सकती है।
मुसलमान सीएम का दौर
एक दौर में बिहार के मुख्यमंत्री अब्दुल गफूर के रूप में मुसलमान थे। आगामी बिहार विधानसभा चुनावों में मुसलमानों के वोट पाने के लिए बीजेपी, कांग्रेस, जदयू और राजद जी-तोड़ कोशिश कर रहे हैं। एमआईएम के नेता असाउदीन ओवेसी भी मुसलमानों के वोट चाहते हैं।उन्होंने बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने का फैसला किया है।
जानकार कहते हैं कि उनके बिहार में चुनाव मैदान में उतरने का कितना असर होता है, ये वक्त ही बताएगा। बता दें कि भाजपा आगामी बिहार विधानसभा चुनावों में मुसलमानों के वोट अपने पक्ष में डलवाना चाहती है।
बिहार के किश्नगंज, कटिहार,अररिया,मधुबनी, पूर्णिया, दरभँगा, वेस्ट चंपारण, ईस्ट चंपारण में मुसलमानों की आबादी 18 फीसद से लेकर 48 फीसद तक है। इसमें कोई दो राय नहीं है कि भाजपा के लिए इन सभी जगहों में बेहतर प्रदर्शन करना जरूरी है।
जानकार मानते हैं कि ओवेसी बिहार में अपनी ताकत दिखा सकते हैं। वे मुसलमानों के सवालों और हितों पर बोलते रहे हैं। बिहार से राज्यसभा सांसद आर.के. सिन्हा कहते हैं कि बिहार में मुसलमान अब मोदी के साथ है। उन्हें समझ आ गया है कि मोदी विकास की बात करते हैं। इसलिए वे इस बार भाजपा और एनडीए के साथ हैं।













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