Success Story: जिन आंखों से नहीं देख सकते दुनिया, उन्हीं आंखों ने देखा IAS बनने का ख़्वाब, सच कर दिखाया सपना
बुलंदशहर (उत्तर प्रदेश) के रहने वाले स्पर्श गुप्ता (Sparsh Gupta) का जन्म मोतियाबिंद के साथ ही हुआ था। आंखों में रोशनी नहीं होने के इस कड़वे सच को बहुत ही स्पर्श गुप्ता ने बहुत ही बहादुरी के साथ क़बूल किया।
पटना, 8 सितंबर 2021। इंसान को अपनी जिंदगी में कब कौन सी मुसीबत से जूझना पड़े ये कोई नहीं बता सकता है। कभी-कभी ऐसी मुसीबतों से सामना करना पड़ जाता है जिनको कभी ख़्वाबों और ख़्यालों में भी नहीं सोचा हो। मगर अपनी हिम्मत और लगन से मुसीबतों को भी मात देने वालो लोग भी दुनिया में हैं। ऐसी ही कुछ मुसीबतों से जूझती हुई कहानी है IAS स्पर्श गुप्ता की। वह आंखों से देख नहीं सकते हैं मगर उन्होंने कामयाबी का ऐसा चिराग़ जलाया कि उनके साथ उनका पूरा परिवार रोशन हो गया । IAS स्पर्श गुप्ता ने वन इंडिया हिंदी से खास बातचीत की और अपनी संघर्ष की कहानी बयान की।

IAS स्पर्श गुप्ता के संघर्ष की कहानी
बुलंदशहर (उत्तर प्रदेश) के रहने वाले स्पर्श गुप्ता (Sparsh Gupta) का जन्म मोतियाबिंद के साथ ही हुआ था। आंखों में रोशनी नहीं होने के इस कड़वे सच को बहुत ही स्पर्श गुप्ता ने बहुत ही बहादुरी के साथ क़बूल किया। सच्चाई को क़बूल करते हुए वह आगे बढ़ते रहे। उन्होंने 12वीं कक्षा में स्पेशल कैटेगरि में ऑल इंडिया टॉप किया। जिसके लिए स्पर्श गुप्ता को राष्ट्रपति ने भी सम्मानित किया । उसके बाद उन्होंने नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु से बीए एलएलबी ऑनर्स की डीग्री हासिल की और साथ ही उन्होंने सिविल सर्विस परीक्षा देने का भी फैसला किया।

चुनौतियों का सामना करते हुए आगे बढ़ें
स्पर्श गुप्ता ने बताया कि परिवार का सपोर्ट उन्हें शुरू से मिलता रहा है। किसी को भी आगे बढ़ने के लिए परिवार के सपोर्ट की ज़रूरत होती है। उन्होंने बताया कि उनके माता पिता ने हमेशा उन्हें मोटिवेट किया कि ज़िंदगी में आगे बढ़ो चुनौतियां तो आते रहती हैं। उनका सामना करते हुए आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने ने बताया कि वो दसवीं के बाद अकेले ही रहे और ख़ुद को मजबूती के साथ कामयाबी की ओर लेकर चलते रहे। उन्होंने बताया कि उनके लिए वह सभी लोग प्रेरणा के स्त्रोत हैं जिनसे उन्होंने कुछ सीखा है और जिन्होंने चुनौतियों का सामना करते हुए अपनी अलग पहचान बनाई है।

UPSC की तैयारी कैस करें ?
IAS स्पर्श गुप्ता ने अपने तजुर्बे को शेयर करते हुए कहा कि सिविल सर्विसेज़ की परीक्षा में पास होंगे या नहीं होंगे कहना बहुत ही मुश्किल है। कई बार ऐसा होता है कि मेन्स का पेपर अच्छा जाता है लेकिन सेलेक्शन नहीं होता है। कई बार पेपर अच्छे नहीं जाते पर नम्बर अच्छे आ जाते है। इसलिए अपनी तरफ़ से पूरी कोशिश करनी चाहिए। उनका का कहना है कि UPSC के तीनों चरणों में सबसे मुश्किल प्री पास करना होता है क्यूंकि लाखों की तादाद में स्टूडेंट्स इम्तेहान देते हैं। प्री पास करने के बाद मेन्स देने का अवसर मिले तो उसे हाथ से नहीं जाने देना चाहिए। क्योंकि बार-बार मेन्स तक जाने का अवसर नहीं मिलता है।

मॉक टेस्ट के लिए प्रैक्टिस ज़रूरी
स्पर्श गुप्ता का UPSC में चयन तीसरी बार में हुआ था। इसके पहले मेन्स में उनका सेलेक्शन नहीं हो पाया था जिसकी वजह वह मॉक टेस्ट नहीं देना मानते हैं। उस वक्त वह अपने लिए वांछित खास तरह से मॉक टेस्ट के लिए इंतज़ाम नहीं कर सके थे इसलिए उनकी प्रैक्टिस नहीं हुई थी । UPSC की तीसरी कोशिश में उन्होंने बहुत सारे मॉक टेस्ट दिए और इसका फ़ायदा भी उन्हें मिला। उन्होंने जीएस, एस्से, एथिक्स, ऑप्शनल सभी का मॉक टेस्ट दिया था। स्पर्श गुप्ता का कहना है कि मेन्स में कामयाबी हासिल करने के लिए के लिए आंसर राइटिंग बेहद ज़रूरी है। जितना अच्छा आंसर लिखा जायेगा नंबर भी उतना ही अच्छा आएगा।

डिफरेंटली एबल्ड लोगों को संदेश
डिफरेंटली एबल्ड लोगों को संदेश देते हुए IAS स्पर्श गुप्ता ने कहा कि जो भी चुनौतियां होती है उनके आगे एक रास्ता होता है जो आपको आपकी मंज़िल की ओर ले जाता है। चुनौतियां हर एक के ज़िंदगी में आती हैं यह आप पर डिपेंड करता है कि आप उससे बाहर कैसे निकलते हैं। क्योंकि अगर आप हार मान लेंगे तो कोई भी आप की मदद नहीं कर सकता। आप ख़ुद की मदद करते हुए ही चुनौतियों को मात देकर कामयाबी हासिल कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि अगर इंसान में कुछ करने का जज़्बा होता है तो वह कामयाबी ज़रूर हासिल करते हैं।

अपने काम को बख़ूबी अंजाम दूंगा
स्पर्श गुप्ता ने कहा कि जब छात्र जीवन में होते हैं तो आपकी पहचान ज़्यादा नहीं होती है लेकिन एक IAS का मुक़ाम हासिल करने के बाद समाज में आपको एक अलग पहचान मिलती है। स्पर्श गुप्ता ने कहा कि उन्हें जो भी ज़िम्मेदारियां दी जाएंगी उन्हें बख़ूबी अंजाम देंगे। लोगों की समस्याओं का समाधान करूंगा। एक उदाहरण सेट करूंगां की यह जो समाजिक धारणा है कि डिफरेंटली एबल्ड लोग कुछ नहीं कर सकते मैं अपने काम से यह साबित करूंगा की आपकी कामयाबी में कोई भी चीज़ बाधा नहीं डाल सकती है।
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