बिहार महागठबंधन- एक साल के अंदर आयी तलाक की नौबत
पटना। बिहार में महागठबंधन के नेताओं द्वारा अपने ही सत्ताधारी नेताओं को कोसने और नीचे दिखाने का काम किया जा रहा है। जिससे यह साफ जाहिर होता है कि महागठबंधन के नेताओं के बीच कहीं न कहीं कुछ खटास जरूर आई है। यह खटास इतना तक पहुंच चुकी है कि महागठबंधन के नेता दबी जुबान से "तलाक" लेने की भी बात करने लगे हैं। यानी एक साल के भीतर ही महागठबंधन में तलाक की नौबत आ गई है।

आपको बताते चलें की राजद के खास और चहेते नेताओं में से एक आरजेडी सांसद तस्लीमुद्दीन ने नीतीश सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि अगर नीतीश सरकार सूबे में फैली अराजकता और कानून व्यवस्था को अगर ठीक नहीं कर सकती तो उन्हें पद छोड़ देना चाहिये।
तस्लीमुद्दीन ने अपनी पूरी भड़ास निकाली और कहा कि नीतीश प्रधानमंत्री बनने का सपना देख रहे हैं, जबकि हकीकत तो यह है कि वो मुखिया बनने के लायक भी नहीं हैं।
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ये तो था महागठबंधन में शामिल राजद के चहेते नेता का ब्यान। राजनीति में बयानबाजी का दौर कुछ किस तरह चलता है कि एक पक्ष से आने के बाद दूसरा पक्ष उनका जवाब दिए बगैर चुप नहीं बैठता। यही वजह है कि जदयू के नेता ने राजद को आड़े हाथ लेते हुए वह बात कह दी जिसे विपक्ष की सरकार लगातार कहती आ रही थी।
जदयू के वरिष्ठ नेता और बिहार सरकार के पूर्व मंत्री श्याम रजक ने पुरे राजद परिवार को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि राजद का मतलब लालू और राबड़ी है। जिन के शासनकाल को जनता देख चूंकि है।जो लोग मुख्यमंत्री के ऊपरआपत्तिजनक टिप्पणी कर रहे हैं वो पहले अपने गिरेबान में झांक कर देखें तब दूसरे के ऊपर बयानबाजी करें।
राजद की सरकार में सूबे का क्या हाल था यह बताने की जरूरत नहीं है, जनता सब जानती है। वही जदयू के एक और वरिष्ठ नेता और पार्टी के प्रवक्ता संजय सिंह के राजद नेताओं को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि जो लोग इस तरह का के बयान बाजी कर रहे हैं अपने पार्टी में एक्सपायरी दवा के समान है। जिनकी अपनी ही पार्टी में कोई वजूद नहीं है।
कहीं "शराबबंदी "तो नहीं महागठबंधन में आई खटास का कारण।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के द्वारा लागू किए गए सूबे में पूर्ण शराब बंदी के फैसले को अपार समर्थन मिले है । खासकर महिलाओं का । वो जहां भी जाते हैं वहां शराबबंदी का मुद्दा उठाते हैं। और वहां उन्हें महिलाओं का समर्थन भी मिलता है। उसे देखकर या लगता है कि महागठबंधन में शामिल अन्य दल के नेताओं को नीतीश की वाहवाही रास नही आ रही है।
उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पूर्व राजद के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और वरिष्ठ नेता रघुवंश प्रसाद सिंह एक कार्यक्रम के दौरान यह कहा कि यह नारा हमारा था नीतीश वाहवाही लूट रहे हैं। उसी कार्यक्रम के बाद से महागठबंधन में शामिल राजद के नेताओं द्वारा अलग अलग प्रतिक्रिया आने लगी। जिसमें नीतीश कुमार को नीचे दिखाने और कोसने का काम किया जाने लगा।












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