पप्पू यादव को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया सुपौल जेल, 32 साल पुराना है केस
पटना, मई 12: जन अधिकार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में सुपौल जेल भेज दिया गया है। दरअसल, 32 साल पुराने एक किडनैपिंग के मामले में पप्पू यादव को पुलिस ने पटना से गिरफ्तार किया था और देर रात भारी विरोध के बीच उन्हें मधेपुरा सिविल कोर्ट ले जाया गया। जहां रात को करीब 11 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पप्पू की कोर्ट में पेशी हुई। जिसके बाद कोर्ट ने पप्पू यादव को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में सुपौल जेल भेज दिया गया।

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पप्पू यादव ने कोर्ट के सामने दिया था बीमारी का हवाला
मधेपुरा कोर्ट वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पप्पू की पेशी हुई। पेशी के दौरान पप्पू यादव ने अपनी बीमारी का भी हवाला दिया। न्यायिक दंडाधिकारी सुरभि श्रीवास्तव ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये पूर्व सांसद को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में बीरपुर (सुपौल) जेल भेज दिया और बेहतर इलाज की व्यवस्था का भी आदेश दिया। जिसके बाद पुलिस रात करीब 12 बजे पप्पू यादव को बीरपुर जेल लेकर चली गई।
समर्थकों ने किया था पुलिस टीम पर हमला
जानकारी के मुताबिक, राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव की गिरफ्तारी के विरोध में उनके समर्थकों ने नेशनल हाईवे पर पुलिस टीम पर हमला कर दिया था। साथ ही हाजीपुर में हाईवे पर बैरिकेटिंग लगा कर काफिले को रोकने की कोशिश की। इस दौरान कई समर्थक गाड़ियों के आगे लेट गए, तो कई ऊपर चढ़ गए। कड़ी मशक्कत के बाद पुलिसकर्मियों ने समर्थकों को काबू में किया और टीम की गाड़ियों को वहां से निकलवाया। हालांकि पुलिस को इस तरह की घटना का अंदाजा पहले से ही था, जिस वजह से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
क्या है 32 साल पुराना मामला
दरअसल, 1989 में मधेपुरा के उदाकिशुनगंज के कुमार खंड थाने में किडनैपिंग का एक केज दर्ज हुआ था। इस मामले में पप्पू यादव को भी आरोपी बनाया गया था। इस मामले में पप्पू यादव जमानत पर थे, लेकिन इसी साल मार्च में उनकी जमानत खत्म हो गई थी। जिसके बाद 22 मार्च 2021 को कोर्ट ने वारंट जारी किया था। इसी मामले में पप्पू यादव की गिरफ्तारी हुई है।












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