जज बनकर कोर्ट पहुंची मनोरमा देवी, सुनवाई के बाद चली गईं लाल किला
पटना (मुकुंद सिंह)। जदयू के निलंबित MLC मनोरमा देवी जज बनकर कोर्ट में पहुंची और सुनवाई के बाद लाल किला चली गई। अब आप सोच रहे होंगे कि मनोरमा देवी जिसकी गिरफ्तारी के लिए बिहार पुलिस खाक छान रही थी, वो भला कोर्ट में जज बनकर कैसे पहुंच गई और लालकिला कैसे चली गई। जब 'जंगलराज' पर नीतीश दे रहे थे सफाई उसी वक्त घटी ये 10 घटनाएं

जब जजों के लिए बने मेन गेट से कोर्ट पहुंची मनोरमा देवी
मनोरमा देवी गया कोर्ट में जजों के लिए बने मेन गेट से कोर्ट पहुंची और सरेंडर कर दिया। जिसे कोर्ट में उपस्थित सभी देखते रह गए। किसी को यह उम्मीद नहीं की थी कि मनोरमा देवी इस तरह कोर्ट में आकर सरेंडर करेगी। हालांकि अब सवाल यह उठता है कि मनोरमा देवी जज के आने जाने के लिए बनाए गए स्पेशल गेट के जरिए कोर्ट में कैसे पहुंची। उल्लेखनीय है कि जिस रास्ते से मनोरमा सरेंडर करने पहुंची यह आम लोगों के लिए बंद रहता है। बिहार में शराब और शबाब का गंदा खेल, दो कॉलगर्ल्स गिरफ्तार
आने-जाने वालों को रोकने के लिए गेट पर एक संतरी तैनात रहता है। अमूमन कोई दूसरा आदमी यहां से जल्दी प्रवेश करने की हिम्मत भी नहीं करता है। साथ ही इनमें से दो दरवाजे से आम लोग, वकील, पेशी के लिए आए आरोपी और पुलिस आती जाती है। जबकि एक गेट सिर्फ जजों के लिए होता है। वहीं कोर्ट में उपस्थित सुरक्षा प्रहरी की माने तो पुलिस के आने से पहले कोर्ट में घुस चुकी थी मनोरमा देवी।
क्या बाकई मनोरमा बेकसूर है?
गया कोर्ट में चतुर्थ अवर मुख्य न्यायधीश न्यायिक दंडाधिकारी के कोर्ट में सरेंडर करने के बाद मनोरमा देवी ने कहा कि (माननीय दंडाधिकारी महोदय) हुजूर हमें राजनीतिक सयंत्र के तहत फंसाया गया है। हुजूर ना तो मैं कभी शराब पीती हूं और ना ही शराब के बारे में कुछ जानती हूं। फिर भी मुझे न्यायालय पर पूरा भरोसा है हमें इंसाफ जरूर मिलेगा।
मनोरमा देवी के द्वारा कोर्ट में बोले गए इस बातों में पल भर के लिए कुछ सच्चाई छुपी हुई नजर आ रही थी। क्या वाकई मनोरमा देवी को फंसाया जा रहा है। पुलिस ने जब आदित्य हत्याकांड में बिंदी यादव के घर छापेमारी करने पहुंची तो वहां से छह विदेशी शराब की बोतल बरामद हुई। जिसके खिलाफ रामपुर थाने में कांड संख्या 131/16 दर्ज की गई थी।
किस मामले में बिहार उत्पाद अधिनियम की धारा 47ए ,48, 53 और 54 के तहत मनोरमा देवी पर मामला दर्ज किया गया था। अब सवाल यह उठता है कि पुलिस को छापेमारी मे जहां से शराब मिला था वह घर उसके पति का था फिर मामला मनोरमा पर क्यों दर्ज किया गया। हालांकि बिहार सरकार में बनी नई बिहार उत्पात अधिनियम निति के अंतर्गत अगर किसी को शराब रखने की जानकारी भी है तो पुलिस को तुरंत सूचित करें नहीं तो उनके खिलाफ मामला दर्ज हो सकता है।
सलाखों के पीछे एमएलसी एंड फैमिली
बहुचर्चित आदित्य सचदेवा हत्याकांड के मुख्य आरोपी रॉकी यादव, वार्ड राजेश कुमार सहित बाहूबली पिता बिंदी यादव, भाई टोनी यादव और MLC मां मनोरमा देवी यानी की पूरी MLC एंड फैमिली सलाखों के पीछे चली गई। इसे देखते हुए यह कहने में कोई बुराई नहीं है कि घर के लाल ने मां-बाप को लालकिला पहुंचा दिया।












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