चुनावी बोल: 'लालू-नीतीश गठबंधन के बाद से ही बढ़ा अपराध, जनता माफ नहीं करेगी'
पटना। बिहार में भले ही प्रचार-प्रसार थम चुका हो पर अंतिम घड़ी में राजनैतिक दलों ने जनता को लुभाने का कोई मौका नहीं छोड़ा। चुनाव प्रचार के अंतिम दिन भाजपा ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी। कांग्रेस ने घर-घर जनसंपर्क अभियान चलाया।

सर्वे में बेहतर स्थिति की उम्मीद लिए भाजपा विधानमंडल के नेता और सूबे के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने रोड शो किया। शो के पहले मोदी ने एक होटल में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के साथ गठबंधन के बाद अपराधियों का मनोबल बढ़ा है।
इस 'गठबंधन' के साथ ही 'लठबंधन' शुरु हुआ है- सूबे में 6 ट्रेन डकैतियां हुई हैं। अब तो रेल की सवारी करने पर मुझे भी डर लगता है। लालू से गठबंधन के बाद लोगों को पुराने दिनों की याद ताजा हो गई है।
राजस्थान के व्यापारी के साथ घटित घटना और कांग्रेस प्रत्याशी के पेट्रोल पंप के कर्मचारी के साथ 12.50 लाख लूट की घटना में अब तक अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इसी तरह मोदी ने अपराध के वे सभी आंकड़े गिनाए जब से लालू-नीतीश की राजनैतिक फिज़ा बदली है।
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उन्होंने विरोध में कहा कि लालू के साथ जब कांग्रेस सत्ता में थी तब खुद सदानंद बाबू के पोते का अपहरण हुआ था और उन्हें भी फिरौती देनी पड़ी थी। अभी भी पिछले 15 महीने से कांग्रेस के समर्थन से सरकार ही चल रही है।
कहा गया कि नीतीश अपने स्वाभिमान को गिरवी रखकर कुर्सी बचाने में लगे हैं। सत्ता के लिए लालू से समझौता करने में गुरेज़ नहीं किया। लालू कहते हैं कि नीतीश पैर पर गिर गए, इसलिए गोद और कंधे पर बिठा लिया।
उन्होंने खुलासा करते हुए दावा किया कि अब तो डीएम-एसपी का ट्रांसफर लालू तय कर रहे हैं। लोकसभा में नीतीश को मजदूरी नहीं मिली तो वे लाठी लेकर आ गए हैं। हालांकि आगामी चुनाव मे किसकी बयानबाजी रंग लाएगी, इसका जवाब अभी वक्त के पास है।












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