बिहार विधान परिषद में पक्ष-विपक्ष के बीच चला शायरी का दौर, कहा- हम हुनर आजमाते हैं तू तीर आजमा
पटना। बिहार विधान परिषद में शीतकालीन सत्र के आखिरी दिन पक्ष-विपक्ष के बीच शब्दों के खूब तीखे बाण चले। इस दौरान खूब शेरों-शायरी से माहौल हल्का भी किया गया। नीतीश सरकार में शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कांग्रेस के एमएलसी प्रेमचंद्र मिश्रा पर पलटवार करते हुए कहा कि आइए प्रेमजी हम हुनर आजमाते हैं..तू तीर आजमा, हम जिगर आजमाते हैं। इससे पहले एमएलसी प्रेमचंद्र मिश्रा ने शेर पढ़ते हुए कहा था कि मत पूछ मेरे सब्र का इम्तहान कहां तक है, तू कर ले सितम, तेरी ताकत जहां तक है। वफा की उम्मीद जिन्हें होगी, मुझे तो देखना है कि तू जालिम कहां तक है।

शिक्षा मंत्री ने पक्ष और विपक्ष के सदस्यों द्वारा पूछे गए सवालों के साथ-साथ शायरी का जवाब भी शायरी से दिया। वहीं इस दौरान सभापति अवधेश नारायण सिंह ने प्रेम मिश्रा पर चुटकी लेते हुए कहा कि मैथिली के मंत्री जी अच्छी-अच्छी बात कर रहे हैं। लेकिन आपने तो जालिम से तुलना कर दी। जदयू के एमएलसी गुलाम रसूल बलियावी ने प्रेमचंद्र मिश्रा को घेरते हुए कहा कि आप बात मैथिली की कर रहे हैं और शेर सुना रहे हैं उर्दू में। इसे मैथिली में पढिये। विधानपरिषद में मैथिली की पढ़ाई को लेकर शुक्रवार को प्रेमचंद्र मिश्रा के तारांकित सवाल के बीच शायरी का दौर खूब चला।
इन सबके बीच एमएलसी संजीव श्याम सिंह ने कहा कि प्रश्न नहीं लिये जा रहे हैं। इस पर सभापति ने उनसे कहा कि आप अपनी बात वापस लीजिए। हालांकि इस पर संजीव श्याम सिंह ने खेद तो प्रकट नहीं किया पर कहा कि हम तो जनता के सवाल उठाते हैं महोदय। अंतिम दिन कांग्रेस MLC ने सभी के बीच मिथिला का मखाना भी बंटवाया। वे लगातार इसकी लड़ाई लड़ रहे थे कि बिहार के मखाना का जीआई टैग मिथिला मखाना नाम से हो। गुरुवार को कृषि मंत्री अमरेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया था कि मिथिला मखाना नाम से ही जीआई टैग मिलेगा।
शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन विधान परिषद में द्वितीय अनुपूरक पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच हास परिहास का माहौल दिखा। राजद विधान पार्षद रामचंद्र पूर्वे ने शराबबंदी का जिक्र किया और कहा कि लोहिया हमेशा सांप को लेकर कहा करते थे कि सांप को छेड़ो नहीं, छेड़ो तो छोड़ो नहीं। उन्होंने कहा कि गरीब कभी-कभी गरीबी की सिहरन को मिटाने के लिए दारू पीता है, लेकिन सो कॉल एलिट वर्ग खुशी के लिए। सरकार का पक्ष रखते हुए शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि पूर्वे जी सरकार इस स्थिति से आगे निकल चुकी है। सांप को छेड़ चुकी है, अब छोड़ने का सवाल ही कहां उठता है।












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