कोटा में फंसे बिहार के बच्चों के लिए पप्पू यादव ने भेजी 30 बस, ट्वीट कर दी जानकारी
पटना। लॉकडाउन के चलते राजस्थान के कोटा में फंसे बिहार के बच्चों को लेकर राज्य की राजनीति गर्माई हुई है। इसी कड़ी में बड़ा कदम उठाते हुए पूर्व सांसद और जन अधिकार पार्टी के नेता पप्पू यादव ने कोटा में फंसे बच्चों को निकालने के लिए 30 बसें भेजी हैं। पूर्व सांसद पप्पू यादव ने ट्वीट कर कहा कि मेरी कोटा के कलेक्टर और राजस्थान के मुख्यमंत्री के सचिव से बात हुई है, लेकिन उनका कहना है कि कम से कम 250 बसें भेजें तब जाकर हम बिहार के बच्चों को भेजेंगे।

पप्पू यादव के अनुसार, उन्होंने कोटा के प्रशासनिक अधिकारियों से कहा कि पहले कोटा में जो बच्चियां फंसी हुई हैं उनको बाहर निकालें और उनको घरों तक भेजें। लेकिन उनका कहना है कि कम से कम 100 बसें भेजने पर ही हम बच्चियों को यहां से भेज सकेंगे। पप्पू यादव ने ट्वीट में लिखा है कि बिहार सरकार के पास धन नहीं है, मैं तन-मन-धन से हर बिहारी को बिहार लाने को प्रतिबद्ध हूं। कोटा से छात्रों को लाने हेतु वहां 30 बस लगवा दिया है। राजस्थान के मुख्यमंत्री जी से आग्रह है कि वह बस सेनेटाइज करवा कर, छात्रों की सुरक्षित यात्रा का इंतज़ाम सुनिश्चित कराएं।
सरकार पर निशाना
पप्पू यादव के मुताबिक, बिहार सरकार से पप्पू ने कहा कि बिहार सरकार अपनी सभी 600 बसों को कोटा भेजे ताकि वहां फंसे बच्चों को वापस लाया जा सके। इस दौरान पप्पू ने यह भी कहा कि बिहार में कुर्सी पर बैठे लोग सत्ता में रहने लायक नहीं हैं। पप्पू यादव ने बताया कि बिहार सरकार के पास धन नहीं है, मैं तन-मन-धन से हर बिहारी को बिहार लाने को प्रतिबद्ध हूं।
पीडीएस बंदरबांट का भी आरोप
राशन कार्ड पॉलिटिक्स पर पप्पू ने भी बिहार सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि पीडीएस यानी जन वितरण प्रणाली का बंदरबांट हो रहा है, यही कारण है कि अब तक यहां के लोगों को दाल उपलब्ध नहीं कराया गया है। पप्पू यादव ने यह भी पूछा कि 25 लाख मजदूर अगर बिहार में आएंगे तो उनके लिए खाने की व्यवस्था कैसे की जाएगी, इसको लेकर केंद्र और राज्य दोनों सरकारों को उपाय करने की जरूरत है।












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