भारत के विरोध के बाद झुका अमेरिका, कहा पाक को नहीं दी क्‍लीन चिट

वाशिंगटन। अमेरिका के विदेश सचिव जॉन कैरी के उस बयान जिसमें उन्‍होंने कहा था कि पाकिस्‍तान ने आतंकी संगठनों जैसे लश्‍कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्‍मद पर लगाम लगाई है, पर भारत की ओर से आपत्ति दर्ज कराई गई थी। भारत के विरोध के बाद अमेरिका ने अपनी भूल सुधारते हुए कहा है कि अमेरिका ने कभी भी पाक को क्‍लीन चिट नहीं दी है।

US-India-Pakistan

भारत ने दिया कड़ा संदेश

यह बात किसी और ने नहीं बल्कि खुद जॉन कैरी ने ही कही है। कैरी की ओर से बयान दिया गया है कि पाक में मौजूद आतंकी संगठनों के खिलाफ पाक की ओर से हुई कार्रवाई से जुड़ी प्रगति को लेकर अमेरिकी कांग्रेस ने कभी भी कोई सर्टिफिकेट नहीं दिया है।

अमेरिका को कड़ा संदेश देते हुए भारत ने कहा था कि पाक जो उसका पड़ोसी है उसने कभी लश्‍कर-ए-तैयबा और अल कायदा जैसे आतंकी संगठनों के खिलाफ कोई प्रतिबद्धता नहीं दिखाई और न ही कभी उसने इन संगठनों को मिल रही आर्थिक मदद पर लगाम लगाने की कोई कोशिश की है।

भारत ने यह भी साफ कर दिया कि अगर अमेरिका को यह लगता है कि पाक अपनी सरजमीं पर मौजूद आतंकी संगठनों के खिलाफ कोई कार्रवाई कर रहा है तो भारत यह बता देना चाहता है कि ऐसा हरगिज नहीं है।

अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता जेन साकी ने कहा कि पाक को केरी-लुगार -बर्मन बिल के तहत 532 बिलियन डॉलर की आर्थिक मदद का कोई भी प्रस्‍ताव अमेरिकी कांग्रेस की ओर से पास नहीं किया गया है और न ही कोई नोटिफिकेशन जारी किया गया है। उ न्‍होंने बताया कि अमेरिका ने वर्ष 2013 से ही पाक के लिए कोई भी फंड रिलीज नहीं किया है।

उन्‍होंने कहा कि पाकिस्‍तान के आतंकवाद के खिलाफ की गई कार्रवाई को लेकर कांग्रेस को कोई सर्टिफिकेट जारी नहीं किया गया है। लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि कोई प्रगति नहीं हुई है।

कांग्रेस ने नहीं दी है मंजूरी

हालांकि, उन्‍होंने यह भी कहा कि ऐसे कई प्रावधान और रास्‍ते हैं, जिसके तहत अमेरिका पाकिस्‍तान को आर्थिक सहायता देता है। साकी ने कहा कि कांग्रेस को इस तरह के किसी आग्रह को लेकर सूचित नहीं किया गया है। कांग्रेस ने इस तरह की किसी आग्रह (केरी-लुगार-बर्मन बिल के तहत पाकिस्‍तान को सहायता) को स्‍वीकृति भी नहीं दी है।

क्‍या कहा था भारत ने

उधर, भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका सरकार अमेरिकी करदाताओं के धन को चाहे जिस भी तरह से खर्च करने का फैसला करे, यह उसका विशेषाधिकार है।
भारत इस खबर पर टिप्पणी कर रहा था कि अमेरिका ने पाकिस्तान को इस आश्य का प्रमाणपत्र दिया है कि उसने अपनी सरजमीं से अलकायदा, तालिबान और इससे जुड़े लश्कर ए तोयबा तथा जैश ए मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों को संचालित होने से रोका।

विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता सैयद अकबरूद्दीन ने कहा था कि हालांकि, भारत नहीं मानता कि पाकिस्तान लश्कर ए तैयबा, जैश ए मोहम्मद, हक्कानी नेटवर्क और संभवत: अलकायदा के खिलाफ लगातार प्रतिबद्धता दिखा रहा है, उन्हें सहायता बंद कर रहा है या उनके संचालन के अड्डों को नष्ट करने की दिशा में गंभीर प्रयास कर रहा है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+