अमेरिकी संसद में सिंधी कार्यकर्ता ने खोली पाकिस्‍तान की पोल, महिलाओं और हिंदुओं के खिलाफ हो अत्‍याचार आम

वॉशिंगटन। खुद को भारत के मुसलमानों का मसीहा बताने वाले पाकिस्‍तान का असली चेहरा अमेरिकी कांग्रेस में सामने आ गया है। यहां पर एक सिंधी मूल की अमेरिकी कार्यकर्ता फातिमा गुल ने अमेरिका की विदेश मामलों की समिति के सामने हो रही सुनवाई में बताया है कि पाकिस्‍तान में किस तरह से दूसरे धर्म के लोगों को चुप करा दिया जाता है। फातिमा ने बताया कि पाक दुनिया का अकेला ऐसा देश हैं जहां पर अपने ही नागरिकों के खिलाफ बिल पास किए जाते हैं। गुल ने बताया कि किस तरह से पाकिस्‍तान में महिलाओं को बुर्के के अलावा दूसरी पाबंदियों का सामना करना पड़ता है।

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पाकिस्‍तान का झूठ आया सामने

पाकिस्तान के इसी झूठ को बेनकाब करते हुए फातिमा गूल ने कहा कि महिलाओं का धार्मिक उत्पीड़न और उनके खिलाफ हिंसा ही पाकिस्तान का मूल चरित्र है। गुल अमेरिका की विदेश मामलों की समिति में हैं। गुल ने मंगलवार को कमेटी को बताया कि पाकिस्तान की जमीन पर किस तरह से अल्पसंख्यकों के खिलाफ अत्‍याचार हो रहे हैं। उन्होंने पाकिस्तान पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा- 'धार्मिक उत्पीड़न पाकिस्तान की एक प्रमुख विशेषता है। हिंदू, ईसाई, अहमदी, शिया, बलूच को धार्मिक अतिवादियों द्वारा पीड़ित किया जाता रहा है जो सरकार के साथ काम करते हैं। पाकिस्तान दुनिया का एकमात्र ऐसा देश है जो अपने ही नागरिकों के खिलाफ कानून बनाता है।' उन्होंने आगे कहा, 'पाकिस्तान महिलाओं के रहने के लिए छठां सबसे खतरनाक देश है। पाकिस्तान में महिलाओं के खिलाफ हिंसा और दुष्कर्म के मामले सबसे ज्यादा होते हैं। ह्यूमन राइट्स वॉच के अनुसार, पाकिस्तान में बाल यौन शोषण अशांति से आम है।'

ईशनिंदा के नाम पर हत्‍या

गुल यहीं नहीं रुकीं और उन्‍होंने कमेटी को जानकारी दी कि पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में लाहौर में लगभग 141 मामले दर्ज किए गए हैं। कार्यकर्ता ने कहा कि 2018 के आधे हिस्से में, पुलिस रिपोर्टों के अनुसार, 1000 से अधिक हिंदू लड़कियों का अपहरण कर उन्हें इस्लाम में परिवर्तित कर दिया गया है। देश में बाल शोषण के मामलों में 33 प्रतिशत वृद्धि देखी गई है। गुल ने इस बात को भी अमेरिकी सदन में रखा कि सन् 1990 से पाकिस्‍तान में ईशनिंदा के नाम पर 70 लोगों को मार दिया गया है और 40 लोग उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। वहीं कुछ ऐसे भी हैं जिन्‍हें मौत की सजा सुनाई गई है। गुल ने अपने संबोधन के अंत में कहा पाकिस्‍तान में अथॉरिटीज बड़े पैमाने पर मानवाधिकार के हनन की इजाजत देती हैं।

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