PTI Protests: पाक के कई शहरों में आक्रोश! इमरान खान के सहयोगी फवाद चौधरी की गिरफ्तार
इमरान खान की गिरफ्तारी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के वरिष्ठ उपाध्यक्ष फवाद चौधरी को गिरफ़्तार किया गया है।

पाकिस्तान मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट परिसर के बाहर प्रोटेस्ट कर रहे पीटीआई नेता-कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हटने की चेतावनी दी। प्रदर्शन खत्म न करने पर पुलिस ने इमरान की पार्टी के उपाध्यक्ष को अरेस्ट कर लिया।
जियो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के वरिष्ठ उपाध्यक्ष फवाद चौधरी को बुधवार को इस्लामाबाद में सुप्रीम कोर्ट (एससी) के बाहर गिरफ्तार कर लिया गया।
पीटीआई नेताओं और कार्यकर्ताओं पर चल रही कार्रवाई के बीच फवाद जैसे सीनियर लीडर की गिरफ्तारी बेहद अहम मानी जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, गिरफ्तारी से बचने के लिए फवाद चौधरी सुबह 11 बजे (स्थानीय समयानुसार) पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट के अंदर मौजूद थे।
जैसे ही फवाद शीर्ष अदालत परिसर से बाहर निकले उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। इस्लामाबाद पुलिस ने चौधरी को मेंटेनेंस ऑफ पब्लिक ऑर्डिनेंस (एमपीओ) की धारा 3 के तहत गिरफ्तार किया है।
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ने ट्वीट किया, 12 मई तक हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बावजूद फवाद चौधरी को सुप्रीम कोर्ट के बाहर गिरफ्तार किया गया है। पाकिस्तान में जंगल राज है।
गिरफ्तारी से पहले पीटीआई नेता फवाद चौधरी ने पत्रकारों से कहा, वकील समुदाय कमजोर हो गया है क्योंकि उनके बीच आपसी कलह है। कभी भी किसी याचिकाकर्ता को इस तरह से गिरफ्तार नहीं किया गया है।
उन्होंने कहा कि इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने एक दिन पहले उनकी अग्रिम जमानत को मंजूरी दे दी थी लेकिन पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की गिरफ्तारी से देश में विभाजन हुआ है। उन्होंने कहा, संवाद के लिए राजनीतिक विरोधियों को जगह मिलनी चाहिए।
फवाद चौधरी की गिरफ्तारी से पहले, आतंकवाद-रोधी दस्ते (एटीएस) ने इस्लामाबाद उच्च न्यायालय के परिसर से पीटीआई महासचिव असद उमर को भी गिरफ्तार किया। बता दें कि पाकिस्तान की जवाबदेही अदालत (NAB कोर्ट) ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान अरेस्ट किया है।
अल-कादिर ट्रस्ट भ्रष्टाचार मामले में राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) ने कोर्ट से 14 दिनों की रिमांड- मांगी, लेकिन न्यायाधीश मुहम्मद बशीर ने केवल आठ दिन की रिमांड मंजूर की।
इमरान के वकीलों ने तर्क दिया कि एनएबी के पास मामले में कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है। भ्रष्टाचार रोधी निगरानी संस्था ने जांच रिपोर्ट भी साझा नहीं की। निष्पक्ष सुनवाई इमरान खान का मौलिक अधिकार है। मुकदमा खुली अदालत में होना चाहिए।
पीटीआई के आधिकारिक ट्विटर हैंडल द्वारा पोस्ट किए गए वीडियो के अनुसार, अदालत में इमरान की तरफ से आरोप लगाया गया कि उन्हें हिरासत में प्रताड़ित किया गया। वॉशरूम का उपयोग करने की भी अनुमति नहीं दी गई थी।
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बता दें कि मंगलवार को पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के अध्यक्ष खान को भ्रष्टाचार के एक मामले में इस्लामाबाद हाईकोर्ट कैंपस से गिरफ्तार किया। इमरान की गिरफ्तारी के बाद पाकिस्तान में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है। विरोध प्रदर्शनों के कारण संपत्तियों का व्यापक विनाश हुआ है।












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