तो पाकिस्तान के पीएम नवाज शरीफ कश्मीर में जेहाद के लिए चाहते थे लादेन की मदद!
इमरान खान की पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ दायर करेगी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के खिलाफ याचिका। वर्ष 1990 में अपनी पार्टी के चुनाव प्रचार के लिए अल कायदा सरगना ओसामा बिन लादेन से ली थी मदद।
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अब इमरान खान की पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ ने फैसला किया है कि वह पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट में नवाज के खिलाफ एक नई याचिका दायर करेगी।पार्टी के आरोपों पर अगर यकीन करें तो पीएम नवाज कहीं न कहीं कश्मीर में आतंकवाद के लिए जिम्मेदार हैं।

बेनजीर के खिलाफ नवाज की साजिश
पार्टी यह याचिका वर्ष 1990 में पाक में हुए चुनावों के दौरान अल कायदा सरगना ओसामा बिन लादेन के पैसों के दम पर चुनाव लड़ने के आरोपों पर दायर होगी। पाक के अखबार द डॉन ने पार्टी के प्रवक्ता और वकील फवाद चौधरी के हवाले से लिखा है कि याचिका के लिए सभी जरूरी आतंरिक प्रक्रिया को पूरा कर लिया गया है। याचिका में विदेशी ताकतों से पैसे लेने के बाद पीएम नवाज शरीफ देश में लोकतंत्र के खिलाफ साजिश का गुनाहगार करार दिया गया है। पार्टी ने नवाज पर यह आरोप भी लगाए हैं कि नवाज ने कश्मीर और अफगानिस्तान में जेहाद के लिए 1989 में लादेन से अच्छी खासी रकम ली थी। पार्टी के मुताबिक पीएम नवाज ने बाद में इस रकम का प्रयोग उस समय की बेनजीर भुट्टो की सरकार को अस्थिर करने के लिए किया। पार्टी का दावा है कि नवाज ने लादेन से करीब 270 मिलियन डॉलर की रकम ली और भुट्टो के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आए।
पिछली बार भी लगे थे ऐसे आरोप
पाक पीएम नवाज शरीफ के खिलाफ ओसामा बिन लादेन से पैसे लेने के आरोप पहली बार सामने नहीं आए हैं। पिछले वर्ष आईएसआई के पूर्व ऑपरेटिव की पत्नी शाहमा खालिदने भी कुछ इसी तरह के दावे किए थे। उन्होंने एक किताब
लिखी थी जिसका नाम था 'खालिद ख्वाजा : शहीद ए अमन।' किताब के मुताबिक पीएमएल प्रमुख मोहम्मद नवाज शरीफ ने अलकायदा फाउंडर ओसामा बिन लादेन से भुट्टो के खिलाफ चुनाव में उतरने के लिए अच्छी खासी रकम ली थी। आपको बता दें कि पीएम नवाज शरीफ के खिलाफ पहले ही पनामा लीक्स में ज्वॉइन्ट इनवेस्टिगेशन टीम यानी जेआईटी की जांच जारी है।












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