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    इमरान खान की अमेरिका और राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप को वॉर्निंग-'हमें भाड़े का टट्टू न समझा जाए'

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    इस्‍लामाबाद। पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने अमेरिका के अखबार वॉशिंगटन पोस्‍ट को खास इंटरव्‍यू दिया है। इस इंटरव्‍यू में इमरान ने पाकिस्‍तान और अमेरिका के संबंधों पर बात की है। उन्‍होंने कहा है कि पाकिस्‍तान कभी भी अमेरिका के भाड़े के टट्टू के तौर बर्ताव की उम्‍मीद नहीं करता है। इसके साथ ही उन्‍होंने इस बात से भी साफ इनकार कर दिया कि अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप और उनके बीच पिछले दिनों ट्विटर पर कोई जंग हुई थी। इमरान का यह बयान ऐसे समय आया जब ट्रंप ,अफगानिस्‍तान में तालिबान के खिलाफ लड़ाई में पाक की मदद के लिए चिट्ठी लिख चुके हैं। इससे पहले ट्रंप ने कहा था कि पाकिस्‍तान ने अमेरिका से सिर्फ पैसे लिए हैं और बदले में कुछ नहीं किया है।

    अमेरिका ने हमें दूर किया

    अमेरिका ने हमें दूर किया

    इमरान से सवाल किया गया कि पाकिस्‍तान और अमेरिका के संबंधों पर वह क्‍या सोचते हैं? इस पर इमरान का जवाब था, 'हम कभी भी ऐसी रिलेशनशिप नहीं चाहेंगे जहां पर पाकिस्‍तान को भाड़े के टट्टू के तौर पर समझा जाए और किसी और का युद्ध लड़ने के लिए पैसे दिए जाएं।' इमरान ने कहा कि पाकिस्‍तान को कभी भी खुद को इस स्थिति में नहीं रखना चाहिए। यह न सिर्फ इंसानों जिंदगी के लिए खतरा है बल्कि पिछले इलाकों के लिए भी तबाही लेकर आएगा। इमरान की मानें तो अमेरिका ने पाकिस्‍तान को दूर किया है। साथ ही पाक, अमेरिका के साथ बेहतर रिश्‍ते चाहता है।

    पाकिस्‍तान तालिबान के लिए जिम्‍मेदार नहीं

    पाकिस्‍तान तालिबान के लिए जिम्‍मेदार नहीं

    पिछले दिनों ट्रंप और इमरान के बीच ट्विटर पर जंग छिड़ी थी। इमरान ने अफगानिस्‍तान के परिप्रेक्ष्‍य में ट्वीट की थीं। ट्रंप को ट्वीट करते हुए इमरान ने लिखा था कि अफगानिस्‍तान में अमेरिका की मिलिट्री एप्रोच और अमेरिकी नीतियों की वजह से आज हालात खराब हैं। वॉशिंगटन पोस्‍ट की लैली वेमाउथ ने इमरान से बातचीत में कहा कि राष्‍ट्रपति ट्रंप जब ट्वीट कर रहे थे तो वह पीएम इमरान को नहीं बल्कि उनसे पूर्व जो पाकिस्‍तानी पीएम थे उन्‍हें दोष दे रहे थे। इस पर इमरान ने कहा, 'मैं यह कह रहा हूं कि तालिबान आतंकियों के लिए पाकिस्‍तान जिम्‍मेदार नहीं है। न ही पाकिस्‍तान में इनके लिए कोई सुरक्षित पनाहगार है।'

    अमेरिका को क्‍यों नहीं दिखते आतंकी

    अमेरिका को क्‍यों नहीं दिखते आतंकी

    इमरान ने कहा कि पाकिस्‍तान और अफगानिस्‍तान के बॉर्डर पर सर्विलांस बहुत तेज है। अमेरिका के सैटेलाइट और ड्रोन भी यहां पर हैं। अगर कोई भी बॉर्डर पार करेगा तो नजर आ जाएगा। इमरान ने कहा कि क्‍या अमेरिका बता सकता है कि पाकिस्‍तान में किस जगह पर तालिबानी आतंकियों का अड्डा है? इमरान की मानें तो पाकिस्‍तान और अफगानिस्‍तान बॉर्डर पर आतंकियों के लिए कोई जगह नहीं है। इमरान की मानें तो अफगानिस्‍तान में शांति पाकिस्‍तान के हित में नहीं है और शांति के लिए पाक कुछ भी करेगा।

    लादेन पर क्‍या बोले इमरान

    लादेन पर क्‍या बोले इमरान

    इमरान ने इसके साथ ही अल कायदा के ओसामा बिन लादेन पर भी बात की। आपको बता दें कि साल 2011 में अमेरिकी कार्रवाई में जब लादेन को एबट्टाबाद में मारा गया था तो इमरान ने इसकी आलोचना की थी। इमरान ने इस इंटरव्‍यू में कहा कि पाकिस्‍तान के लिए यह अपमानित करने वाली बात थी क्‍योंकि अमेरिका के युद्ध की वजह से पाक के सैनिक और लोग मारे जा रहे थे। लेकिन हमारे साथी ने ही हम पर भरोसा नहीं किया था। इमरान ने कहा कि पाकिस्‍तान जानता ही नहीं था कि उस समय वह अमेरिका का दोस्‍त था या दुश्‍मन।

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    English summary
    Prime Minister Imran Khan has warned US says Pakistan won't be treated like a hired gun. He has spoken about Pakistan-US ties in a recent interview to Washington Post.
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