PIA Airbus 320 crash: क्या होता है Mayday (मेडे) का मतलब?
कराची। शुक्रवार को पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (पीआईए) का विमान एयरबस 320 रिहायशी इलाके के करीब क्रैश हो गया। लाहौर से कराची आ रही फ्लाइट में करीब 100 लोग सवार थे। इस हादसे में अब तक 82 शव बरामद किए जा चुके हैं। फ्लाइट के पायलट का ऑडियो सामने आया है उसमें उन्होंने एक शब्द मेडे का प्रयोग किया है। पायलट का संदेश काफी डराने वाला है और उसमें उन्होंने अपने मैसेज में बताया है कि प्लेन के दो इंजन पूरी तरह से फेल हो चुके हैं। जानिए क्या होता है मेडे का मतलब और इसका एविएशन इंडस्ट्री में क्या महत्व है।
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क्या होता है Mayday
इस ऑडियो में पायलट को कहते हुए सुना जा सकता है, 'मेडे, मेडे, मेडे।' मेडे एक इमरजेंसी प्रक्रिया होता है और रेडियो कम्यूनिकेशन में दुनियाभर के पायलट किसी आपातकालीन स्थिति में प्रयोग करते हैं। इसे आप पायलट और एयर ट्रैफिक कंट्रोलर (एटीसी) के बीच प्रयोग होने वाले कोड के तौर पर समझ सकते हैं। मेडे को पायलट तब प्रयोग करता है जब उसे जल्द से जल्द एटीसी को आपातकालीन स्थिति से अवगत कराना होता है। ज्यादातर इस शब्द को उसी समय पायलट प्रयोग करते हैं जब प्लेन क्रैश होने की स्थिति में आ जाता है।

सन् 1921 में हुआ ईजाद
मेडे शब्द सन् 1921 में पहली बार प्रयोग किया गया था। उस समय लंदन में क्रॉयडॉन एयरपोर्ट के सीनियर रेडियो ऑफिसर फ्रेडरिक स्टैनले मॉकफोर्ड को यह जिम्मा सौंपा गया कि वह एक ऐसे शब्द के बारे में सोचे जिसे पायलट परेशानी की स्थिति में प्रयोग कर सके। उन्हें यह भी निर्देश दिए गए थे कि शब्द ऐसा होना चाहिए जिसे पायलट और ग्राउंड स्टाफ को समझने में आसानी हो। उस समय क्रॉयडॉन एयरपोर्ट और पेरिस में ले बॉर्ग एयरपोर्ट के बीच सबसे ज्यादा ट्रैफिक होता था। इसलिए फ्रेडरिक ने मेडे शब्द ईजाद किया।

फ्रेंच शब्द से निकला है मेडे
इस शब्द को फ्रेंच शब्द मेडेयर से लिया गया है जिसका अंग्रेजी में अर्थ होता है हेल्प मी। मेडेयर को वेनेज मेडेयर से निकला है जिसका मतलब है कम एंड हेल्प मी। मेडे शब्द का मई दिवस से कुछ लेना देना नहीं है। मेडे से पहले एक इमरजेंसी मैसेज यानी एसओएस भेजा जाता था जो मोर्स कोड था। सन् 1927 में इंटरनेशनल रेडियोटेलीग्राफ कनवेंशन ऑफ वॉशिंगटन ने भी मेडे को अपने प्रयोग के लिए ले लिया। यहां से एसओएस की जगह मेडे यानी व्यॉइस कॉल ने ली ली

बहुत सोच समझकर होता प्रयोग
एविएशन इंडस्ट्री में इस शब्द को असाधारण माना जाता है और इसका प्रयोग करते समय काफी सावधानी बरती जाती है। इस शब्द का प्रयोग उस समय किया जाता है जब किसी आपातकालीन स्थिति में पायलट या फिर मैरिनर्स की जिंदगी पर खतरा हो जाता है। लेकिन कुछ देशों में स्थानीय संगठन जैसे दमकल विभाग, पुलिस फोर्स और यातायात से जुड़े संगठन भी इसका प्रयोग करते हैं। तीन बार एक ही लाइन में 'मेडे, मेडे, मेडे' आपातकाली की घोषणा करने के लिए पायलट कहते हैं। तीन बार का नियम इसलिए है ताकि शोर-गुल के माहौल में इस शब्द को ठीक से सुना जा सके।
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