बयान से पलटे परवेज मुशर्रफ, कहा पाक छोड़ने के लिए नहीं ली राहील शरीफ की मदद
अपने बयान से पलट गए पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति और सेनाध्यक्ष कहा कि पूर्व सेना प्रमुख राहील शरीफ ने नहीं की थी पाकिस्तान छोड़ने में उनकी मदद। पिछले हफ्ते कहा था राहील शरीफ की मदद से छोड़ा पाक।
इस्लामाबाद। पिछले हफ्ते दिए गए अपने बयान से पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ पलट गए है। पाकिस्तान सेना के पूर्व प्रमुख मुशर्रफ ने कहा है कि पाक छोड़ने के लिए उन्होंने कभी राहील शरीफ की मदद नहीं मांगी थी। मुशर्रफ की मानें तो मीडिया ने उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया। आपको बता दें कि पिछले हफ्ते मुशर्रफ ने दुनिया न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा था कि पूर्व सेना प्रमुख शरीफ की मदद से पाक से निकल सके थे।

मीडिया को दोषी ठहराते मुशर्रफ
मुशर्रफ ने एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा है, ' किसी ने मुझसे कॉन्टैक्ट नहीं किया और न ही मैंने किसी से कॉन्टैक्ट किया था। राहील शरीफ ने मेरे साथ कोई बातचीत नहीं की थी और न ही मैंने उनसे कोई अनुरोध किया था। मुशर्रफ ने कहा कि पिछले सप्ताह 'दुनिया न्यूज' चैनल को दिए उनके बयान को मीडिया ने गलत ढंग से पेश किया। मुशर्रफ ने पहले कहा था कि पाकिस्तान छोड़ने में राहील शरीफ ने उनकी मदद की थी। मुशर्रफ के इस एक बयान से उन आशंकाओं को काफी बल मिला जिसके तहत पाक में अक्सर सेना के हावी होने की बातें कही जाती हैं। जो खबरें पिछले दिनों आई थीं उनमें मुशर्रफ ने कहा था कि जनरल शरीफ ने सरकार की ओर से कोर्ट पर दबाव डालते हुए पाक से निकल जाने में उनकी मदद की। मुशर्रफ ने कहा था, 'उन्हें मेरी मदद की। मैं उनका बॉस रह चुका है हूं और मैं उनसे पहले आर्मी चीफ था।' मुशर्रफ के मुताबिक केसेज का हमेशा राजनीतिकरण किया जाता है। सरकार ने उन्हें एग्जिट कंट्रोल लिस्ट (ईसीएल) में रखा और फिर उनका केस राजनीतिक मुद्दे में बदल गया। जब उनसे इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि जनरल शरीफ ने दबाव कम करने और उन्हें देश छोड़ने में मदद की।
दुबई में हैं मुशर्रफ
मुशर्रफ इस वर्ष मार्च में इलाज के नाम पर दुबई गए थे। पाक के आंतरिक मंत्रालय की ओर से उन्हें ईसीएल से हटाए जाने के बाद उन्होंने देश छोड़ दिया था। सरकार ने उन्हें ईसीएल से हटाने का नोटिफिकेशन सुप्रीम कोर्ट की ओर से आए एक आदेश के बाद जारी किया था। इस आदेश के तहत मुशर्रफ के विदेश यात्रा पर लगाई गई पाबंदी को हटा लिया गया था। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने एक शर्त के तहत उनकी विदेश यात्रा पर लगे बैन को हटाया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि राजद्रोह के केस का सामना कर रहे मुशर्रफ की हिरासत में देश की सरकार या फिर तीन जजों की स्पेशल कोर्ट बदलाव कर सकती है या फिर उनके मूवमेंट को रोक सकती है। मुशर्रफ पर पाक में नवंबर 2007 में आपातकाल लगाने, जजों को गिरफ्तार करने और उनकी शक्तियों को कम करने का केस चल रहा है। इसके अलावा वह पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो, बलूच नेता नवाब अकबर बुगती और गाजी अब्दुल राशिद की हत्या के केस में भी आरोपी हैं। मुशर्रफ का नाम करीब 20 तक ईसीएल में था। पाक के आतंरिक मंत्री चौधरी निसार खान ने मुशर्रफ के दुबई रवाना होने के बाद कहा था कि उन्होंने छह हफ्तों के अंदर देश लौटने का वादा किया है।












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