इमरान खान के 'नया पाकिस्‍तान' में सेना के साए में मनाया आसिया बीबी ने क्रिसमस

इस्‍लामाबाद। जिस समय पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान, भारत को अल्‍पसंख्‍यकों के साथ बर्ताव पर भाषण दे रहे थे, उस समय उनके देश में क्रिश्चियन नागरिक आसिया बीबी क्रिसमस का त्‍यौहार डर और सेना की सुरक्षा के साए में मना रही थी। ईशनिंदा के आरोपों से बरी होने के बाद भी आसिया को जेल में रखा गया है। आसिया साल 2010 से ईशनिंदा के आरोपों के चलते जेल में हैं। इस वर्ष अक्‍टूबर में कोर्ट ने आसिया पर लगे आरोपों को खारिज कर दिया था। इसके बाद भी उन्‍हें जेल में रखा गया है क्‍योंकि बाहर आने पर उन्‍हें जान से मारने की धमकी दी जा रही है। पाकिस्‍तान के चरमपंथी संगठन आसिया को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं और प्रधानमंत्री इमरान खान भारत को भाषण देने में बिजी हैं। यह भी पढ़ें-इमरान खान ने बताया, जिन्‍ना ने क्‍यों बनाया था पाकिस्‍तान

आसिया नहीं मना सकीं क्रिसमस

आसिया नहीं मना सकीं क्रिसमस

आसिया बीबी जो पेशे से मजदूर थी, पिछले आठ वर्षों से मौत की सजा का सामना कर रही हैं। पाकिस्‍तान की तहरीक-ए-लब्‍बायक (टीएलपी) पार्टी ने आसिया को जान से मारने की धमकी दी है। सरकार को उनकी सुरक्षा के चलते यह बात छिपानी पड़ रही है कि आसिया कहां हैं। इस्‍लामाबाद की क्रिश्चियन कॉलोनी में रहने वाले युसूफ हदायत ने कहा, 'उनका बाहर आना काफी खतरनाक हैं और लोग उन्‍हें जान से मार देना चाहते हैं।' पाकिस्‍तान में इस वर्ष क्रिसमस के मौके पर सुरक्षा व्‍यवस्‍था पहले से कहीं ज्‍यादा कड़ी थी। जगह-जगह पर क्रिश्चियन कॉलोनियों में सेनाएं तैनात की गईं थी और तब जाकर कहीं लोग क्रिसमस का त्‍यौहार मना सके। इन कॉलोनियों में रहने वाले लोगों की मानें तो किसी और धार्मिक छुट्टी की तुलना में इस एक दिन उन्‍हें काफी डर लगता है और वे काफी असहज महसूस करते हैं।

 डर-डर के जीने को मजबूर अल्‍पसंख्‍यक

डर-डर के जीने को मजबूर अल्‍पसंख्‍यक

इस्‍लामाबाद में होली ऑफ होलीज चर्च में पादरी मुनव्‍वर इनायत कहते हैं, 'हमें डर लगता है।' उन्‍होंने कहा, 'हम किसी के भी खिलाफ नहीं बोल सकते हैं।' सुप्रीम कोर्ट ने अक्‍टूबर माह में पाकिस्‍तान के सुप्रीम कोर्ट ने आसिया बीबी को मिली मौत की सजा खत्‍म कर दी थी लेकिन इसके बावजूद वह आजाद नहीं हो सकी हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद से देश में लगातार हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं। चरमपंथी आसिया बीबी का सिर कलम करने तक की बात कर रहे हैं। इन चरमपंथियों को सेना की सुरक्षा हासिल है। इन्‍होंने देश के टॉप जजों को भी जान से मारने की धमकी दी है। सरकार ने टीएलपी के खिलाफ एक्‍शन लिया है। देश भर में इस पार्टी की वजह से विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। पार्टी के नेताओं पर देशद्रोह और आतंकवाद के आरोप लगाए गए हैं।

प्रदर्शनकारियों के साथ सरकार की डील

प्रदर्शनकारियों के साथ सरकार की डील

वहीं अथॉरिटीज को प्रदर्शनकारियों के साथ एक डील करने को मजबूर होना पड़ा है जिसमें सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर एक आखिरी रिव्‍यू का वादा शामिल है। आसिया बीबी के पति आशिक मसीह को भी अपनी पत्‍नी की हालत को लेकर खासी चिंता है। आसिया चाहती हैं कि उन्‍हें दूसरे देश में शरण मिल जाए और इसमें नीदरलैंड का नाम सबसे आगे है। अभी तक यह साफ नहीं हो सका है कि आसिया बीबी की जेल से बाहर आने और एक आजाद नागरिक की तरह जीने की ख्‍वाहिश कब पूरी होगी। सरकार के प्रवक्‍ता यह कहकर इस मामले पर कुछ भी बोलने से इनकार कर देते हैं कि यह कोर्ट का मामला है। विशेषज्ञों की मानें तो ज्‍यादा समय तक आसिया को इस स्थित‍ि में रखना और भी ज्‍यादा खतरनाक हो सकता है।

इमरान के पाकिस्‍तान में ईशनिंदा पर लींचिंग

इमरान खान के पाकिस्‍तान में ईशनिंदा यानी इस्‍लाम के खिलाफ कुछ भी कहना काफी खतरनाक है। न्‍यूज एजेंसी एएफपी के मुताबिक पाकिस्‍तान में इस्‍लाम की आलोचना पर लीचिंग आम बात है। कई केसेज में तो मुसलमानों ने ही मुसलमानों को मार डाला है। लेकिन अक्‍सर अल्‍पसंख्‍यक खासतौर पर क्रिश्चियन निशाने पर आ जाते हैं। विशेषज्ञों की मानें तो इस बहाने अल्‍पसंख्‍यक समुदायों के साथ व्‍यक्तिगत मतभेदों को भी साध लिया जाता है। इस्‍लामाबाद की 100 क्‍वार्टर्स कॉलोनी में बीबी की रिहाई के खिलाफ चेतावनी जारी कर दी गई है। युसूफ हदायत की मानें तो आसिया अब यहां नहीं रह सकती हैं। देश में पोलिया के लिए अभियान छेड़ने वाली शहनाज आरिफ कहती हैं कि आखिर आसिया और उन्‍हें वही आजादी क्‍यों नहीं मिल सकती है जो देश में बाकी लोगों को मिली हुई है।

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