अस्थायी तौर पर भारत और पाक के राजनयिक बुलाए जा सकते हैं वापस
भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ा तनाव अब नई शक्ल ले रहा है। पाक अखबार से एक अधिकारी ने कहा कि दोनों मुल्कों को यह पता होता है कि कुछ लोग अंडर कवर काम कर रहे हैं।
इस्लामाबाद। भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्तों में नई खटास के बीच दोनों मुल्क अस्थायी तौर पर अपने राजनयिकों को हमवतन वापस बुला सकते हैं। साथ ही जासूसी प्रकरण के बाद दोनों मुल्क अपने राजनयिक स्टाफ को भी कम कर सकते हैं।
बता दें कि बीते दिनों भारत में स्थित पाकिस्तान उच्चायोग में कार्यरत महमूद अख्तर को जासूसी के आरोप में हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की गई थी।
पाकिस्तानी अखबार एक्सप्रेस ट्रिब्यून के मुताबिक दोनों मुल्कों के संबंधों में खटास के कारण राजनयिक स्टाफ की संख्या में कमी की जा सकती है।

महमूद को हिरासत में लेकर पूछताछ किए जाने के बाद दोनों ओर जैसे को तैसा वाली हालत हो गई। साथ दोनों ओर से राजनयिक अधिकारियों पर जासूसी के आरोप लगाए जाने शुरू हो गए।
पाक ने भी लगाए आरोप
पाकिस्तान ने भी बृहस्पतिवार (3 अक्टूबर) को इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग के 6 भारतीय अधिकारियों को रिचर्स एंड एनालसिस विंग (RAW) और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) का एजेंट बताया। इतना ही उनका नाम और फोटो भी अखबार में प्रकाशित करा दिया।
पाक अखबार के मुताबिक ताजा मामले पर जानकारी रखने वाले एक अधिकारी ने कहा कि भारत ने कुछ पाकिस्तानी अधिकारियों की जानकारी का खुलासा कर के आपसी समझ का उल्लंघन किया है।
दोनों मुल्क यह जानते हैं कि
अधिकारी ने कहा कि दोनों मुल्क यह जानते हैं कि कुछ अधिकारी अंडर कवर काम करते हैं और वो यह काम पूरी आधिकारिक जानकारी के साथ काम करते हैं। अधिकारी ने यह भी कहा कि भारत ने क्या किया यह अकल्पनीय था।
पाक अखबार के मुताबिक अधिकारी ने यह भी कहा कि जब तक हालात सही नहीं हो जाते, तब तक राजनयिक स्टाफ में कमी की जाएगी।
बता दें कि 18 सितंबर को जम्मू और कश्मीर स्थित उरी में भारतीय सेन के बेस कैंप पर आतंकियों ने हमला किया था जिसमें 20 जवान शहीद हो गए थे।
उसके बाद भारत ने पाक अधिकृत कश्मीर में सर्जिकल स्ट्राइक की थी। तभी से दोों मुल्कों के बीच तनाव बढ़ा हुआ है।












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