भारत के साथ मिलकर पाकिस्तान के खिलाफ मिलिट्री एक्शन ले सकते हैं डोनाल्ड ट्रंप
अमेरिकी विशेषज्ञ का कहना नए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पाकिस्तान को आतंकवाद के खिलाफ सख्त रवैया अपनाने का अल्टीमेटम देने के लिए पूर्व राष्ट्रपतियों की तुलना में काफी बेहतर स्थिति में हैं।
वाशिंगटन। अमेरिका ने पाकिस्तान को कई बार यह संदेश दिया कि वह आतंकवाद और आतंकवादियों के खिलाफ प्रभावी कदम उठाए। साथ ही आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अंतराष्ट्रीय समुदाय का सहयोग करे। पाकिस्तान ने कई चेतावनियों के बाद भी ऐसा नहीं किया। एक अमेरिकी विशेषज्ञ की मानें तो अभी तक अमेरिका को उस प्रभावी तरीके की तलाश करनी है जिसके बाद पाक के रुख में थोड़ा सुधार आए।

भारत के साथ ट्रंप करेंगे गठबंधन!
जाने-माने साउथ एशियन एक्सपर्ट डैनियल मार्के ने फॉरेन पॉलिसी मैगजीन में लिखे एडीटोरियल में कहा है कि नए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप वह काम कर सकते हैं जो पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन और वर्तमान राष्ट्रपति बराक ओबामा नहीं कर पाए हैं। मार्के की मानें तो पाकिस्तान को ट्रंप की पागलपन वाली कूटनीति की खुराक की जरूरत है। मार्के ने लिखा है, 'ट्रंप शायद एक ऐसी विशिष्ट जगह पर हैं जहां से वह पाकिस्तान को एक अल्टीमेटम दे सकते हैं-या तो पाक की सरजमीं पर आतंकी संगठनों के खिलाफ पूरी तरह से तेज और आक्रामक एक्शन लिया जाए नहीं तो....।' उनका कहना है कि ट्रंप की पागलपन वाली आदतें क्लिंटन या फिर ओबामा की अपेक्षा पाकिस्तान को डराने के लिए काफी है क्योंकि ट्रंप के डर को बयां करने की जरूरत नहीं है। मार्कें की मानें तो ट्रंप पाकिस्तान के खिलाफ ट्रंप किसी भी हद तक जा सकते हैं। हो सकता है कि वह भारत के साथ एंटी-पाकिस्तान गठबंधन बना लें या फिर उस पर प्रतिबंध लगा दें, उसे सार्वजनिक तौर पर जलील करना शुरू कर दें या फिर हो सकता है कि पाक पर कोई मिलिट्री एक्शन ही ले डालें। अमेरिका के हित में जो भी जरूरी होगा, ट्रंप वह सब कुछ अपनाने की कोशिश कर सकते हैं।
अमेरिकियों के खून से सने पाक के हाथ
मार्के ने अपने बेबाक एडीटोरियल में पाकिस्तान को एक दुश्मन और आतंकवाद को पनाह देने वाला देश बताया है। उन्होंने पाक को एंटी-अफगानिस्तान, भारत विरोधी जेहादी गतिविधियां चलाने वाला तक कह डाला है। मार्के यह कहने से भी नहीं हिचके कि पाक के हाथ अमेरिकियों के खून से सने हैं। उन्होंने आगे लिखा है, 'अमेरिका में यह बड़े स्तर पर माना जाता है कि पाकिस्तान की मिलिट्री और इंटेलीजेंस एजेंसियां किन्हीं न किन्हीं वजहों से आतंकियों के साथ दोस्ताना रिश्ते रखना पसंद करती हैं। पहले ये पाकिस्तान के पड़ोसियों को अस्थिर करने की कोशिशें करती हैं और अगर उनका सच सामने आ जाता है तो वह और खतरनाक साबित हो जाती हैं।' मार्के के मुताबिक अमेरिका ने पाक को सुधारने की कई कोशिशें की हैं लेकिन कुछ नहीं हो सका है।












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