पाकिस्तान ने आरएसएस को बताया आतंकवाद का अड्डा और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को कहा, 'हिंदू चरमपंथी'
इस्लामाबाद। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने पाकिस्तान को न्यूयॉर्क में जारी यूनाइटेड नेशंस जनरल एसेंबली (उंगा) के 73वें सत्र में जमकर फटकार लगाई। इसके बाद पाक ने अपने तेवर दिखाए और उंगा में राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ (आरएसएस) के अलावा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा। यूएन में पाक के राजदूत साद वारिश ने कहा है, 'हमारे क्षेत्र में आरएसएस आतंकवाद का अड्डा है। इसी अड्डे से पूरे भारत में धार्मिक श्रेष्ठता के दावे किए जाते हैं।' इसके अलावा उन्होंने यहीं पर आदित्यनाथ को एक 'हिंदू चरमपंथी' करार दिया जो खुलेआम हिंदुओं की धार्मिक श्रेष्ठता की वकालत करता है। ये भी पढ़ें-चीन के विदेश मंत्री ने बताया क्यों मौलाना मसूद अजहर को आतंकी घोषित नहीं किया जा सकता

उंगा में किया एनआरसी का जिक्र
इंग्लिश डेली इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक वारिश ने उंगा में कहा, 'भारत में अल्पसंख्यक समुदाय के लोग जिसमें क्रिश्चियन और मुसलमान शामिल हैं, खुलेआम हिंदूओं के हाथों लिचिंग के शिकार बनते हैं जहां पर योगी आदित्यनाथ, जो हिंदू चरमपंथी नेता खुलेआम हिंदुओं की श्रेष्ठता का समर्थन करता है, देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश का नेतृत्व कर रहा है।' वारिश ने यहां पर असम के नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजंय (एनआरसी) का भी जिक्र छेड़ा। उन्होंने कहा, 'असम में बंगालियों के नागरिकता के अधिकार को मनमाने ढंग से खत्म किया जा रहा है। ' यहां पर उन्होंने बीजेपी के मुखिया अमित शाह का जिक्र किया। हालांकि उन्होंने शाह का नाम नहीं लिया। उन्होंने शाह की उस टिप्पणी का जिक्र किया जिसमें बांग्लादेश से आए अप्रवासियों को दीमक करार दिया गया। वारिश ने कहा कि एक ऐसा देश जहां पर चर्च और मस्जिदों को आग लगाई जाती हो उसे दूसरों को ज्ञान देने का कोई हक नहीं है।

भारत को बताया था पेशावर हमले का दोषी
वारिश का बयान पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के उस बयान के बाद आया जिसमें उन्होंने साल 2014 में हुए पेशावर आतंकी हमले के पीछे भारत को जिम्मेदार बताया। कुरैशी ने कहा था कि पाकिस्तान इस बात को कभी नहीं भूला पाएगा कि कैसे पेशावर स्थित आर्मी स्कूल पर हुए हमले में 150 बच्चों की मौत हो गई थी। कुरैशी की मानें तो हमले में शामिल आतंकियों का भारत से कनेक्शन था और भारत की तरफ से इन्हें मदद मिली थी। पेशावर में दिसंबर 2104 को हुए हमले में 10 तालिबानी आतंकियों ने हमला किया था। आर्मी स्कूल में कई लोगों को बंधक भी बना लिया गया था। आतंकी स्कूल के अंदर पैरामिलिट्री के जवान बनकर दाखिल हुए थे। स्कूल में जाते ही उन्होंने गोलियां चलानी शुरू कर दी थीं।

भारत ने दिया करारा जवाब
भारत की तरफ से भी कुरैशी के दावों को करारा जवाब दिया गया है। यूएन में भारत की राजनयिक एनम गंभीर ने पाकिस्तान को याद दिलाया कि पेशावर आतंकी हमले के बाद भारत की संसद के दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा में शोक जताया गया था। इसके अलावा भारत के सभी स्कूलों में मारे गए बच्चों की याद में दो मिनट का मौन भी रखा गया था। गंभीर ने कहा कि पाक विदेश मंत्री की ओर से जो भी दावे किए जा रहे हैं वे सभी उस हमले मे मारे गए मासूमों की बेइज्जती करने के लिए काफी हैं। एनम ने पाक को यह भी याद दिलाया कि पाकिस्तान में यूएन की तरफ से घोषित 132 आतंकी और 22 आतंकी संगठन मौजूद हैं जिन्हें यूएन की सिक्योरिटी काउंसिल की ओर से जारी लिस्ट में भी रखा गया है। एनम के मुताबिक क्या पाक इस बात से भी इनकार करेगा कि आतंकी हाफिज सईद यहां पर खुलेआम घूमता है और जहर उगलता है?












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