मसूद अजहर के अलावा और किस-किस Global Terrorist की पनाहगाह है पाकिस्तान
इस्लामाबाद। यूनाइटेड नेशंस (UN) ने जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर (Masood Azhar) को ग्लोबल आतंकी (Global Terrorist) घोषित कर दिया। मसूद अजहर अब उन आतंकियों की लीग का हिस्सा बन गया है जिन्हें यूएन की ओर से बैन किया जा चुका है लेकिन ये आतंकी या संगठन पाकिस्तान में अपनी गतिविधियां आसानी से संचालित कर रहे हैं। लश्कर-ए-तैयबा के मुखिया हाफिज सईद से लेकर अल कायदा का मुखिया तक पाकिस्तान में है। एक नजर डालिए कौन से हैं वे आतंकी जिन्हें पाकिस्तान में इतनी आजादी मिली है कि वे आसानी से रैलियां करते हैं और हमलों की साजिश करते हैं।

अल कायदा का मुखिया भी अफगान-पाक बॉर्डर पर
पिछले वर्ष पाकिस्तान के अखबार द डॉन ने एक रिपोर्ट छापी थी। इस रिपोर्ट के मुताबिक यूएनएससी की ओर से आतंकी और आतंकी संगठनों की जो नई लिस्ट आई है उसमें से 139 अकेले पाकिस्तान मं ही हैं। इस लिस्ट में अल कायदा के सरगना अयमान अल जवाहिरी से लेकर दाऊद इब्राहीम तक का नाम था। इस लिस्ट में सबसे पहला नाम जवाहिरी का ही था। साल 2011 में एबट्टाबाद में हुए एक ऑपरेशन में लादेन के मारे जाने के बाद जवाहिरी संगठन का मुखिया बना। जवाहिरी लिस्ट में नंबर वन पर है और यूएन का मानना है कि वह अफगानिस्तान-पाकिस्तान बॉर्डर पर कहीं छिपा हुआ है। लिस्ट में दूसरा नाम था अंतरराष्ट्रीय आतंकी रामजी मोहम्मद बिन अल शेइबाह जो कि यमन का नागरिक है। उसे कराची में गिरफ्तार किया गया था और अमेरिकी अधिकारियों को सौंप किया गया।

हाफिज सईद ने की अपना नाम हटाने की अपील
लिस्ट में लश्कर-ए-तैयबा के चीफ और मोस्ट वॉन्टेड आतंकी हाफिज सईद का नाम भी था। लश्कर को 26/11 के बाद बैन कर दिया गया था। अप्रैल 2012 में अमेरिका ने उसे मोस्ट वॉन्टेड आतंकी घोषित करके उसके सिर पर 10 मिलियन डॉलर का ईनाम रख दिया। हाफिज को यूके, यूरोपियन यूनियन, रूस और ऑस्ट्रेलिया ने भी बैन किया हुआ है। हाफिज सईद को 10 दिसंबर 2008 को यूएन ने ग्लोबल टेररिस्ट घोषित करके बैन कर दिया था। इस वर्ष मार्च में हाफिज सईद ने यूएन से अपील की थी कि उस पर लगे बैन को हटा दिया जाए। लेकिन उसकी बात को मानने से इनकार कर दिया गया था। अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहीम कास्कर का नाम भी इस लिस्ट में था।

दाऊद का नाम भी लिस्ट में
सन् 1993 में मुंबई ब्लास्ट से देश को दहलाने वाले दाऊद के बारे में यूएनएससी ने कहा था कि दाऊद के पास कई पाकिस्तानी पासपोर्ट हैं जिन्हें रावलपिंडी और कराची से जारी किया गया था। इसके अलावा यूएनएससी ने कहा था कि वह कराची के नूराबाद में एक आलीशाल बंगले में रहता है। साल 2003 में भारत और अमेरिका ने दाऊद को एक आतंकी घोषित किया था और उस पर 25 मिलियन डॉलर का इनाम घोषित किया गया। साल 2011 में एफबीआई ने उसे टॉप थ्री मोस्ट वॉन्टेड क्रिमिनल की लिस्ट में रखा था। अमेरिका की ओर से कुछ वर्षों पहले कहा गया था कि दाऊद को यूएनएससी में ग्लोबल टेररिस्ट घोषित करवाने की कोशिशें जारी हैं। इन सबके अलावा हक्कानी नेटवर्क के मुखिया सिराजुद्दीन हक्कानी, हिजबुल मुजाहिद्दीन का मुखिया सैयद सलाउद्दीन, हरकत-उल-मुजाहिद्दीन (हूजी) का मौलाना फजलुर रहमान खली और लश्कर में हाफिज सईद के बाद दूसरे नंबर का आतंकी अब्दुल रहमान मक्की भी पाकिस्तान में ही है। हालांकि इन आतंकियों को अमेरिका की ओर से ग्लोबल टेररिस्ट करार दिया गया है।

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