Indus Water Treaty: शहबाज शरीफ की हेकड़ी गुम, सिंधु जल संधि बहाल करने के लिए अब गिड़गिड़ाने लगा पाकिस्तान
Indus Water Treaty: पाकिस्तान पहले से ही जल संकट से जूझ रहा है। पहलगाम अटैक के बाद भारत ने सिंधु जल समझौता रद्द कर दिया है और अब पाकिस्तान ने गिड़गिड़ाना शुरू कर दिया है। शुरुआत में शहबाज शरीफ सरकार ने हेकड़ी दिखाई थी, लेकिन उन्हें भी हालात का अंदाजा लग गया है। पाकिस्तान के सिंध प्रांत में पानी संकट की वजह से आम लोगों में भारी आक्रोश है। देश के कई बड़े शहर कराची, लाहौर, रावलपिंडी वगैरह में पानी की किल्लत है। भारत के पानी रोकने के बाद पाकिस्तान के पास अब फसलों की बुआई और सिंचाई के लिए भी पर्याप्त पानी नहीं बचा है।
पाकिस्तान के किसान सिंचाई के लिए खास तौर पर दो बड़े बांध- झेलम नदी पर मंगला और सिंधु नदी पर तरबेला पर निर्भर हैं। इन दोनों ही नदियों में पानी का स्तर बेहद कम हो गया है और इसलिए किसानों के सामने गंभीर संकट पैदा हो गया है। खरीफ की फसलों की बुआई के लिए पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने चिनाब नदी के पानी को नियंत्रित करना शुरू कर दिया है। इस वजह से पाकिस्तान की मुश्किलें और बढ़ती दिख रही हैं।

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Indus Water Treaty पर भारत के फैसले ने निकाली सारी हेकड़ी
पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के चिनाब नदी में पानी की मात्रा अचानक काफी घट गई है। भारत ने बहाव नियंत्रित किया है, जिसकी वजह से पाकिस्तान तक पहुंचने वाले पानी की मात्रा पर असर पड़ा है। सिंधु नदी प्रणाली प्राधिकरण (IRSA) के हालिया अनुमान में बताया गया है कि नदी में बहाव की मात्रा 21 फीसदी तक कम हो गई है। इस वजह से पाकिस्तान के दो बांधों का जल स्तर 50 फीसदी तक कम हुआ है। ये दो बांध ही पंजाब और सिंध प्रांत में सिंचाई और पानी का सबसे बड़ा स्रोत हैं। बांधों में जल स्तर कम होने की वजह से सिंध और पंजाब प्रांत के किसानों के पास सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।
पाकिस्तान ने लगाई अब भारत से गुहार
पिछले दिनों पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ ने तजाकिस्तान में वॉटर वॉर जैसे जुमले इस्तेमाल किए थे। इधर IRSA ने कुल मिलाकर 21% की कमी की घोषणा की है। एजेंसी ने कहा है कि जलाशयों से पानी का इस्तेमाल संभाल कर करना चाहिए। चेनाब नदी पर बगलीहार और सलाल जैसे दो जलाशय हैं, लेकिन इन दोनों जलाशयों का जल बहाव भी भारत के फैसले पर निर्भर करता है। भारत ने पाकिस्तान के साथ डेटा साझा करना भी बंद कर दिया है। कुछ दिन पहले पाकिस्तान की ओर से भारत के विदेश मंत्रालय को पत्र लिखकर सिंधु समझौता बहाल करने की अपील की गई थी। इसके अलावा, पाकिस्तान के किसानों ने भी पानी बहाल करने की गुहार लगाई है।












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