'आखिरी वक्त तक पाकिस्तानी आर्मी से भीख मांग रहे थे इमरान खान'
लाहौर, 27 अप्रैल: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की जिस तरह से सत्ता से विदाई हुई, उसके बाद नई सत्ताधारी पार्टियां उनकी जमकर किरकिरी करने में लगी हुई है। पूर्व पाकिस्तानी पीएम नवाज शरीफ की पार्टी ने तो उन्हें जेल भिजवाने की भी तैयारी शुरू कर दी है। फिलहाल नवाज की ओर से मोर्चा उनकी बेटी मरियम नवाज संभाल रही हैं, जिन्होंने पूर्व क्रिकेटर, उनकी बीवी और उनकी दोस्त को लेकर काफी गंभीर आरोप लगाए हैं। मरियम ने कहा है कि इमरान कुर्सी से चिपके रहने के लिए आर्मी के सामने गिड़गिड़ा रहे थे, लेकिन उनकी बात नहीं बन सकी।

'आखिरी वक्त तक पाकिस्तानी आर्मी से भीख मांग रहे थे इमरान खान'
पाकिस्तान की सत्ताधारी गठबंधन में शामिल पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज की उपाध्यक्ष मरियम नवाज ने पूर्व पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि कुर्सी से चिपके रहने के लिए पूर्व क्रिकेटर इतने बेकरार थे कि आखिरी मिनट तक पाकिस्तानी सेना से अपनी सरकार बचाने की 'भीख' मांग रहे थे। पूर्व पाकिस्तानी पीएम नवाज शरीफ की बेटी मरियम ने मंगलवार रात को लाहौर में पार्टी वर्करों को संबोधित करते हुए कहा, 'इमरान खान इतने बेकरार हो चुके थे कि सत्ता में रहते हुए अंतिम मिनट तक अपनी सरकार को बचाने के लिए एस्टेब्लिशमेंट (पाकिस्तानी आर्मी) से भीख मांग रहे थे। यहां तक कि उन्होंने पूर्व प्रेसिडेंट और पीपीपी के को-चेयरमैन आसिफ अली जरदारी से भी अपने खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव में मदद मांगी।'

पहली बार संसद ने तय की पाकिस्तानी पीएम की पद से छुट्टी
हकीकत ये है कि पाकिस्तान के 75 वर्षों के इतिहास में आधे समय तक तख्तापलट के सहारे पाकिस्तानी सेना ने ही देश पर सीधा राज किया है और सुरक्षा और विदेश नीति के मामले में हमेशा उसकी दखलअंदाजी से इनकार करके कोई भी पाकिस्तानी सरकार टिक नहीं पाई। हालांकि, मौजूदा राजनीतिक संकट में कम से कम सामने से तो पाकिस्तानी सेना ने खुद को इमरान और नए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की लड़ाई से खुद को दूर दिखाने की कोशिश की है। हालांकि, इमरान खान सरकार की विदाई पर तब मुहर लग गई जब वहां का सुप्रीम कोर्ट 10 अप्रैल की रात सक्रिय हुआ और उन्हें संवैधानिक प्रक्रियाओं से गुजरने के लिए मजबूर होना पड़ा। हालांकि, पाकिस्तान के इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि किसी प्रधानमंत्री को आर्मी ने नहीं, बल्कि संसद ने अपदस्थ किया है।

नवाज शरीफ की वापसी का रास्ता हो चुका है साफ
नवाज शरीफ तीन-तीन बार पाकिस्तान के प्रधानमंत्री रह चुके हैं और उन्होंने मरियम को जनता के बीच इमरान के खिलाफ माहौल बनाने के लिए रैलियां और सभाएं करने के लिए कह रखा है। इमरान खान की तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी की सरकार ने नवाज के खिलाफ भ्रष्टाचार के कई मामले चलाए थे, जिसकी वजह से 2019 के नवंबर में लाहौर हाई कोर्ट से इलाज के नाम पर चार हफ्ते के लिए लंदन गए तो वहीं पर अटक गए। उनके भाई शहबाज शरीफ की नई गठबंधन सरकार ने हाल ही में उनके लिए एक नया पासपोर्ट जारी किया है, जिससे उनकी मुल्क वापसी का रास्ता साफ हो चुका है। हालांकि, उनके परिवार ने कहा है कि पीएमएल-नवाज के 72 वर्षीय नेता कब लौटेंगे, इसका फैसला उचित वक्त पर लिया जाएगा।

शरीफ ने लंदन में बैठक सरकार गिरा दी-मरियम
नवाज की गैर-मौजूदगी में उनकी सियासी विरासत संभाल रहीं मरियम नवाज ने पार्टी कार्यकर्ताओं के सामने इमरान खान पर जमकर भड़ास निकाली है। उन्होंने कहा, 'इमरान खान इस वजह से रो रहे हैं कि नवाज शरीफ ने लंदन में बैठकर उनकी सरकार गिरा दी। सोचिए जब नवाज लौटेंगे तो इमरान का क्या हाल होगा।' उन्होंने अपने पिता को 'लंबी रेस का घोड़ा' बताया है। वो बोलीं, 'यह नवाज की राजनीति की ही कला है कि साढ़े तीन साल बाद उन्होंने खान को वापस कंटेनर में भेज दिया है। खान के लिए यही अच्छा होगा कि वे क्रिकेट खेलें, पॉलिटिक्स उनकी चाय का कप नहीं है।'

'जल्द ही खान और उनके कैबिनेट सदस्य जेल में होंगे'
इमरान की आगे की राह और मुश्किल होने का संकेत देते हुए नवाज की बेटी ने कहा कि 'जल्द ही खान के साथ-साथ उनके कैबिनेट के सदस्य, खुले भ्रष्टाचार के मामलों में जेल के अंदर होंगे।' उन्होंने इमरान पर 'जादू-टोना' के सहारे देश चलाने का भी आरोप लगाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इमरान की पत्नी बुशरा बीबी की दोस्त फराह गोगी उनके इशारे पर भ्रष्टाचार के बड़े मामलों में शामिल थीं और खान ने ही उन्हें देश से भागने में मदद की। उन्होंने कहा कि इमरान ने पीएम के तौर पर विदेशों से मिले उपहार बेचकर देश को शर्मिंदा किया और 18 करोड़ रुपये (पाकिस्तानी) हासिल कर लिए।












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