10 वजहें क्यों अमेरिका में पाक के चूके हुए खिलाड़ी साबित हुए नवाज
वाशिंगटन। बड़ी उम्मीद से पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ अमेरिका दौरे पर गए हैं। उन्हें इस बात की उम्मीद थी कि अमेरिका कश्मीर मुद्दे पर उन्हें कोई भरोसा देगा और भारत के खिलाफ उसके लगाए आरोपों को स्वीकार कर लेगा।
ऐसा कुछ नहीं हुआ बल्कि अमेरिका ने ही पाक को नसीहत दे डाली कि वह अपनी जमीन पर पनप रहे आतंकवाद को काबू में करे।
दरअसल पीएम नवाज को अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा की ओर से गया निमंत्रण एक सांत्वना पुरस्कार के तौर पर देखा जा सकता है। पिछले वर्ष राष्ट्रपति ओबामा ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और फिर वह खुद भारत आए।
ऐसे में शायद पाक को महसूस होने लगा था कि उसे नजरअंदाज किया जा रहा है। पाक के दुख को कम करने के लिए राष्ट्रपति ओबामा ने पीएम नवाज को व्हाइट हाउस बुलाया।
कहना गलत नहीं होगा कि पाक के पीएम नवाज अपने वतन एक चूके हुए खिलाड़ी के तौर पर लौटेंगे। आगे की स्लाइड्स पर क्लिक करिए और नजर डालिए उन 10 वजहों पर जो हमें ऐसा कहने पर मजबूर कर रही हैं।

कश्मीर पर मिला तगड़ा जवाब
पीएम नवाज को अमेरिकी राष्ट्रपति ओबामा ने साफ कर दिया है कि भारत के अनुरोध के बिना अमेरिका किसी भी तरह से कश्मीर विवाद में हस्तक्षेप नहीं करेगा।

डॉजियर को कोई तवज्जो नहीं
राष्ट्रपति ओबामा से मिलने से पहले पीएम नवाज ने विदेश सचिव जॉन कैरी को तीन डॉजियर सौंपे थे। इनमें बलूचिस्तान और दूसरे हिस्सों में भारत की ओर से आतंकवाद फैलाने का जिक्र था लेकिन इन डॉजियर को अमेरिका ने नजरअंदाज कर दिया।

एलओसी के हालातों पर ओबामा ने रहे चुप
पीएम नवाज शरीफ जब ओबामा से मिले तो वह राष्ट्रपति से लगातार एलओसी पर मौजूद तनाव पर उनसे दखल देने का अनुरोध कर रहे थे लेकिन ओबामा ने इससे इंकार कर दिया।

भारत को दी तवज्जो
अमेरिका ने पीएम नवाज को तो बुलाया लेकिन इस दौरान भारत के साथ अपने संबंधों को पूरी तवज्जो दी। इसका सुबूत था अमेरिका का पीएम नवाज को यह साफ कर देना कि उसकी कश्मीर पर बनी नीति में कोई भी बदलाव नहीं होगा।

आतंकी संगठन पर कार्रवाई करे पाक
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के साथ अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने सख्त लहजे में कहा है कि पाकिस्तान बिना किसी भेदभाव के सभी आतंकवादी समूहों पर आवश्यक रूप से कार्रवाई करे।

क्या वादा निभा पाएंगे पीएम शरीफ
पीएम शरीफ ने ओबामा को भरोसा दिलाया है कि पाकिस्तान यूनाइटेड नेशंस की ओर से घोषित आतंकियों और आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करेगा। अब देखना होगा कि पाक लश्कर-ए-तैयबा और दूसरे आतंकी संगठनों के खिलाफ क्या कार्रवाई करेगा।

अमेरिकी विशेषज्ञों ने कहा 'लेमडक लीडर'
मुलाकात पर अमेरिका के विशेषज्ञों ने पीएम नवाज शरीफ को पीएम मोदी की तुलना में एक लेम-डक नेता कहा है। उन्होंने कहा है कि जिस अंदाज में राष्ट्रपति ओबामा ने पीएम मोदी का स्वागत किया था, उसकी जरा भी झलक नजर नहीं आई है।

वर्ष 2016 के बाद की नीति पर चुप्पी
ओबामा एडमिनिस्ट्रेशन ने वर्ष 2016 के लिए पाकिस्तान को आतंकवाद के ख़िलाफ़ कार्रवाई के लिए मिलने वाली रकम जारी रखने के लिए कांग्रेस पास एक चिट्ठी भेज दी है लेकिन उसके बाद इस के भविष्य पर कुछ भी कहने से इंकार किया है।

अमेरिका में माना पाक दुनिया के लिए खतरा
पीएम नवाज शरीफ ने दबी जुबान से यह स्वीकार कर लिया है कि उसके यहां मौजूद आतंकी संगठनों की वजह से पाक भारत और दूसरे देशों के लिए खतरा है।

अपनी ही मीडिया की आलोचना का शिकार
अमेरिका आने से पहले ही पीएम नवाज शरीफ उनके रवैये को लेकर अपनी ही मीडिया की आलोचना के शिकार थे।












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