अमेरिका ने बताया पाकिस्तान को आतंकियों का पनाहगार तो भारत पर निकाली भड़ास
इस्लामाबाद। अमेरिका ने पाकिस्तान को आतंकियों के लिए सुरक्षित देश करार दे दिया है और जाहिर सी बात है कि इस पर पाकिस्तान का ब्लड प्रेशर बढ़ेगा। बुरी तरह से झल्लाए पाकिस्तान ने अब इसके लिए भारत को दोष दिया है और भारत पर अपनी झल्लाहट निकाली है। पाकिस्तान ने कहा है कि वह हमेशा आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को आगे बढ़ाता रहेगा। साथ ही उसने यह बात फिर से दोहराई है कि उसने आतंकियों के खिलाफ कड़े कदम उठाए हैं। पाकिस्तान का यह बयान अमेरिका की ओर से आतंकियों के लिए सुरक्षित देश घोषित करने के एक दिन बाद आया है।

अमेरिका ने कोशिशों को माना
पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नफीस जकारिया ने मीडिया ब्रीफिंग में कहा, 'आतंकवाद जैसी बुराई के खिलाफ जारी हमारी कोशिशें आगे भी जारी रहेंगी और पाकिस्तान ने हमेशा ही इस बुराई के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया है। हमारी कोशिशों को सफलता मिली है और कई देशों जिनमें अमेरिका भी शामिल है, उसने भी इस बात को महसूस किया है।' जकारिया ने कहा कि कई अलग-अलग प्रतिनिधिमंडल जो अमेरिका और दूसरे देशों से पाकिस्तान आए हैं, उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया है जो आतंकवाद से पूरी तरह से मुक्त हो चुके हैं। अमेरिकी विदेश विभाग की ओर से इसकी आतंकवाद पर वॉर्षिक रिपोर्ट आई थी। इस रिपोर्ट में अमेरिकी कांग्रेस ने कहा था कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान तालिबान या फिर हक्कानी नेटवर्क के खिलाफ कोई भी ठोस कार्रवाई नहीं है। न ही पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में अमेरिकी हितों को रक्षा पहुंचाने वाले तत्वों के खिलाफ कोई कार्रवाई की है। इस रिपोर्ट में 26/11 का भी जिक्र था। रिपोर्ट में कहा गया था कि मुंबई आतंकी हमलों का मास्टरमाइंड हाफिज सईद आज भी पाकिस्तान में आजाद है और बड़ी-बड़ी रैलियां करता है।
भारत को बताया दोषी
जकारिया ने इस प्रेस कांफ्रेंस में उल्टे भारत को ही दोषी ठहरा दिया। जकारिया ने कहा कि भारत कई अरबों डॉलर के चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरीडोर (सीपीईसी) को निशाना बना रहा है। जकारिया की मानें तो भारत यूनाइटेड नेशंस (यूएन) के ऑव्जर्वर ग्रुप को भी समर्थन नहीं कर रहा है जो भारत और पाकिस्तान के बीच एलओसी पर होने वाली फायरिंग पर नजर रखता है। जकारिया ने कहा कि पाकिस्तान की ओर से भारत को कई बार इसे लेकर अपील की जा चुकी है। भारत हमेशा यह बात कहता आया है कि यूएन के ग्रुप ने अपनी उपयोगिता को और बढ़ाया है और शिमला समझौते के बाद यह और भी अहम हो गया है। जकारिया ने प्रेस कांफ्रेंस में भारत पर आरोप लगाया कि सीमा पार से हुई फायरिंग में वर्ष 2017 में अब तक 21 नागरिकों की मौत हो चुकी और 30 लोग घायल हुए हैं।












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