मुंबई के हामिद की मदद कर रही पाक जर्नलिस्‍ट जीनत सात माह से लापता

इस्‍लामाबाद। पाकिस्‍तान में एक भारतीय इंजीनियर निहाल हामिद अंसारी का पता लगाने में जुटी महिला पत्रकार जीनत शहजादी का पिछले सात माह से कुछ पता नहीं चल रहा है। उनके भाई ने अब उनकी तलाश के लिए प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से मदद मांगी है।

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भारतीय की मदद करना पड़ा महंगा

जीनत के भाई सलमान लतीफ की मानें तो भारतीयों की मदद करना अब उनके परिवार को महंगा पड़ रहा है।उन्‍होंने कहा कि उनकी बहन का सात माह से कुछ पता नहीं चल रहा और उनके भाई ने पहले ही आत्‍महत्‍या कर ली है।

सलमान कहते हैं कि उनके भाई ने अपनी बहन से दोबारा मिलने की सारी उम्‍मीदें खो दी थीं। इसी बात से परेशान होकर उन्‍होंने कुछ दिनों पहले फांसी लगा ली।

ऑफिस जाते समय हुई लापता

जीनत पाक के डेली नई खबर और लाहौर में मेट्रो न्‍यूज टेलीविजन के साथ जुड़ी हुईं थीं। पिछले वर्ष 19 अगस्‍त को वह ऑटो से अपने ऑफिस के लिए निकलीं थीं और तब से ही घर नहीं आई हैं। पुलिस ने कुछ अज्ञात लोगों के पर जीनत के अपहरण की एफआईआर दर्ज की है।

गर्लफ्रेंड से मिलने पाक गए मुंबई के इंजीनियर को जेल

सलमान ने पीएम नवाज से अपील की है कि वह उनकी बहन की सुरक्षित रिहाई सुरक्षित करें। उनकी बहन ने सिर्फ एक भारतीय की मदद की है न कि कोई अपराध किया है।

क्‍या था मामला

जीनत ने पाकिस्‍तान के सुप्रीम कोर्ट मानवाधिकार बेंच में फौजिया अंसारी की ओर से उनके बेटे हामिद अंसारी के लिए एक एप्‍लीकेशन फाइल की थी। हामिद, भारत के मुंबई का रहने वाला वही इंजीनियर है जो नवंबर 2012 से पाकिस्‍तान में गायब बताया जा रहा है।

अगस्‍त 2013 में जीनत ने फौजिया से एक स्‍पेशल पावर ऑफ अटॉर्नी हासिल की थी। हामिद की मां फौजिया मुंबई में एक लेक्‍चरार हैं तो पिता निहाल एक रिटायर्ड बैंक अधिकारी हैं।

बताते हैं कि हामिद पाक के खैबर पख्‍तूनख्‍वा के कोहट में रहने वाली एक लड़की से प्‍यार के चलते पाकिस्‍तान पहुंचे। पाक के मान‍वाधिकार आयोग का कहना है कि हामिद को पाक का वीजा नहीं मिल सका था।

जीनत को मिल रही थीं धमकियां

14 नवंबर को अंसारी को पुलिस ने गिरफ्तार कर सुरक्षा एजेंसियों के हवाले कर दिया था। अब अंसारी जेल में जासूसी के आरोप में बंद है।

जीनत ने पेशावर हाई कोर्ट में इस मामले की सुनवाई से पहले जबरन गुमशुदगी पर इंक्‍वॉयरी कमीशन में एक एप्‍लीकेशन भेजी। जीनत को तब से ही धमकियां मिल रही थीं कि वह इस केस पर काम न करें।

जीनत के घरवालों ने भी उसे अपनी जिंदगी को खतरे में न डालने की बात कही थी। उनके पिता सदमें में हैं और अब वह किसी से भी बात नहीं करते हैं।

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