204 रु लीटर से भी महंगा हो सकता है डीजल, दूसरा विकल्प पाकिस्तान की कंगाली, क्या चुनेंगे शहबाज ?

इस्लामाबाद, 15 अप्रैल: पाकिस्तान की नई सरकार को आते ही बहुत बड़े संकट का सामना करना पड़ रहा है। उसके लिए कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों के हिसाब से डीजल के दाम तय करना बहुत बड़ी चुनौती बन गई है। अगर पाकिस्तान को आर्थिक संकट से बचाने के लिए जरूरत के हिसाब से डीजल के दाम बढ़ाए जाते हैं तो पहले से ही महंगाई की मार झेल रही जनता पर बोझ और बढ़ जाएगा। या फिर सरकारी खजाने को और भी कंगाली की ओर ढकेलने के लिए मजबूर होना पड़ेगा, जो पहले से ही भारी दबाव में है।

पाकिस्तान की नई सरकार पर डीजल संकट

पाकिस्तान की नई सरकार पर डीजल संकट

पाकिस्तानी अखबार एक्सप्रेस ट्रिब्यून की एक रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान के इतिहास में पहली बार डीजल के दाम 200 रुपये प्रति लीटर से भी ज्यादा हो सकता है। ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमत बढ़ने और पाकिस्तानी रुपये के मुकाबले डॉलर के महंगे होने की वजह से यह स्थिति पैदा हुई है। 16 अप्रैल से जो महीने का दूसरा पखवाड़ा शुरू हो रहा है, उसमें पाकिस्तान की नई शहबाज शरीफ सरकार को बहुत ही कठिन फैसला लेना है। पाकिस्तानी अधिकारियों ने कहा है कि या तो डीजल का दाम 60.54 रुपये प्रति लीटर बढ़ाना होगा या फिर मौजूदा कीमतों को बरकरार रखने के लिए उसी अनुपात में सब्सिडी बढ़ानी पड़गी। 1 अप्रैल से पाकिस्तान में डीजल 144.15 रुपये लीटर बिक रहा है।

एक लीटर डीजल की कीमत 204.69 रुपये तक हो सकती है

एक लीटर डीजल की कीमत 204.69 रुपये तक हो सकती है

रिपोर्ट के मुताबिक अगर पाकिस्तान का राजनीतिक नेतृत्व देश को कंगाली की गर्त में जाने से बचाने के लिए पहला विकल्प चुनता है यानी डीजल के दाम बढाने का फैसला करता है तो शनिवार से एक लीटर डीजल की कीमत 204.69 रुपये तक पहुंच सकती है। इससे पहले पूर्व पाकिस्तानी पीएम इमरान खान ने पेट्रोल-डीजल की कीमत में 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती और 2022-23 की बजट घोषणा तक कीमतों को स्थिर रखने का ऐलान किया था। सूत्रों ने इस बात की ओर इशारा किया है कि नई सरकार के लिए कठिन परिस्थिति है और जनता का दिल जीतने के लिए हो सकता है कि वह दाम नहीं बढ़ाने वाला विकल्प चुनना पसंद करे।

एक महीने में 6,000 करोड़ रुपये हो जाएगा सब्सिडी बिल

एक महीने में 6,000 करोड़ रुपये हो जाएगा सब्सिडी बिल

अधिकारियों के मुताबिक पिछली सरकार ने मध्य मार्च से पेट्रोलियम की कीमतों को मेंटेन करके रखा था, जिसके चलते इसपर 1 अप्रैल से अबतक सब्सिडी का बिल 3,000 करोड़ रुपये बढ़ चुकी है। हालांकि, कीमत नहीं बढ़ाने का फैसला कानूनी प्रावधानों के तहत नहीं है, क्योंकि इसे आधिकारिक मंजूरी नहीं मिली हुई है। अगर शहबाज शरीफ की सरकार कीमत को मौजूदा दर पर बनाए रखने का फैसला करती है तो 30 अप्रैल तक के लिए उसे सरकारी खजाने से 3,000 करोड़ रुपये पेट्रोलियम सब्सिडी पर और ढीले करने पड़ेंगे। यानी इस कीमत को बनाए रखने के लिए इस महीने कुल 6,000 करोड़ रुपये का भार पाकिस्तानी सरकार को अपने सिर पर ढोना होगा।

कंगाली की ओर बढ़ रहा है पाकिस्तान ?

कंगाली की ओर बढ़ रहा है पाकिस्तान ?

पाकिस्तानी अधिकारियों के मुताबिक पाकिस्तानी रुपया भी अमेरिकी डॉलर के मुकाबले लुढ़क रहा है और इसने भी पेट्रोलियम की कीमतों पर 5.54 रुपये लीटर या 3.03% का अतिरिक्त दाम बढ़ाया है। पिछले दिनों में डॉलर का औसतन मूल्य 182.15 रुपये से बढ़कर 188.15 रुपये हो चुका है। ऐसे में पहले से ही आर्थिक तंगी झेल रहे पाकिस्तान के खजाने पर अगर बोझ और बढ़ाया गया तो वह कंगाली की ओर और तेजी से बढ़ सकता है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+