पाकिस्‍तान में खुदाई के दौरान मिली बुद्ध की प्राचीन मूर्ति, गैर इस्‍लामी बताकर कर दिए टुकड़े-टुकड़े, Video

Ancient statue of Gautam Buddha found in excavation in Pakistan, mardan vandalised by people

नई दिल्ली। पाकिस्‍तान सरकार हो या वहां के नागरिक, वो अपनी गंदी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर एक ऐसा ही वीडियो वायारल हो रहा जिसे देखकर हर किसी को इन पाकिस्‍तानियों की गंदी मानसिकता का अंदाजा लग जाएगा। ये वायरल वीडियो पाकिस्‍तान के खैबर पख्‍तूनख्‍वा का है जहां पर गृह निर्माण के लिए की जा रही नींव खुदाई में गौतम बुद्ध की अति प्राचीन मूर्ति मिली जिसके बाद इस मूर्ति को गैर इस्‍लामिक कह कर ऐसा हाल किया जिसे देखकर हर कोई इनकी निंदा कर रहा है।

गैर इस्‍लामी बताकर कर दिए टुकड़े-टुकड़े

गैर इस्‍लामी बताकर कर दिए टुकड़े-टुकड़े

बता दें पाकिस्‍तान का खैबर पख्तूनख्वा पाक पीएम इमरान का गृहराज्य है जहां की ये घटना है। यह प्राचीन मूर्ति मर्दन जिले के तख्त भाई क्षेत्र में एक घर के निर्माण के दौरान मिली। जिसकी जानकारी मजदूरों ने दी जिसके बाद स्थानीय मौलवी ने इसे गैर इस्लामी बताया जिसके बाद पहले तो इस मूर्ति पर लोग जूते, चप्‍पल पहन कर खड़े हो गए इसके बाद हथौड़े से वार करते हुए गौतम बुद्ध की अति प्राचीन मूर्ति के टुकड़े टुकड़े कर दिए।

ये मूर्ति जहां मिली वो प्राचीन गांधार सभ्यता का हिस्सा है

ये मूर्ति जहां मिली वो प्राचीन गांधार सभ्यता का हिस्सा है

बता दें जिस जगह ये निर्माण कार्य के लिए नींव खोदी जा रही थी वह प्राचीन गांधार सभ्यता का हिस्सा है। ईसा के 200 साल पहले इस क्षेत्र में बौद्ध धर्म बहुत लोकप्रिय था। माना जा रहा है कि यह मूर्ति भी उसी समय के आसपास रही होगी। बता दें पाकिस्‍तान का खैबर पख्तूनख्वा का तख्त भाई इलाका गांधार सभ्यता के प्राचीन अवशेषों के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है। 1836 में पहली बार यहां खुदाई की थी। जिसमें मिट्टी, प्लास्टर और टेराकोटा से बने सैकड़ों अवशेष मिले थे इसके बावजूद सरकार की लापरवाही के बावजूद ये क्षेत्र बदहाल हो चुका है।

खैबर पख्तूनख्वा पुरातत्व संग्रहालय निदेशक ने कहा ये बात

स्‍थानीय लोगों और श्रमिकों के मूर्ति को तोड़ने का विडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।इस वीडियो के वायरल होने के बाद पर्यटन अधिकारी को सूचना मिलने पर कहा कि जांच की जा रही है। खैबर पख्तूनख्वा पुरातत्व संग्रहालय के निदेशक अब्दुल समद ने कहा कि मूर्ति तोड़ने में जो शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

जानिए खैबर पख्तूनख्वा का इतिहास

जानिए खैबर पख्तूनख्वा का इतिहास

वर्तमान समय में पाकिस्‍तान का ये खैबर पख्तूनख्वा अफगानिस्तान सीमा पर स्थित है इस राज्य का 2000 साल पुराना इतिहास है। सातवीं सदी ईसापूर्व इसे गांधार के नाम से जाना जाता था। ईसा के 200 साल पहले बौद्ध धर्म यहाँ बहुत लोकप्रिय हुआ मौर्यों के पतन के बाद इस इलाके को कुषाणों ने अपनी राजधानी बनाया। सातवीं सदी में चीन से आए पर्यटकों ने इस क्षेत्र का उल्लेख किया है। 11वीं सदी में इस इलाके में पहली बार इस्लाम का आगमन हुआ। पाकिस्‍तान की सरकार की गलत नीतियां और इस पूरे इलाके के साथ वर्षों से सौतेला व्‍यवहार हो रहा है। ये पूरा इलाका पहाडि़यों से घिरा हुआ है। बता दें कि ये इलाका पाकिस्‍तान को चीन के शिनजियांग प्रांत से जोड़ता है। यही से चीन और पाकिस्‍तान के बीच अरबों डॉलर की लागत से बन रहा आर्थिक गलियारा भी गुजर रहा है।

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