Noida: इस कंपनी की दवाइयों पर लगी रोक, उज्बेकिस्तान में 18 बच्चों की मौत से जुड़ा है मामला
उज्बेकिस्तान का दावा है कि नोएडा मैरियन बायोटेक फार्मा द्वारा निर्मित कप सिरप पीने से 18 बच्चों की मौत हो गई। जिसके बाद भारत सरकार फौरन हरकत में आई और कफ सिरप के नमूना लेकर जांच के लिए भेजे है।

Noida News: उज्बेकिस्तान ने भारतीय कंपनी द्वारा बनाई गई कफ सिरप पीने से 18 बच्चों की मौत का दावा किया है। उज्बेकिस्तान के इस दावे के बाद भारत सरकार फौरन हरकत में आई और दवाईयों की बिक्री व निमार्ण पर रोक लगा दी है। बताया जा रहा है कि केंद्रीय औषधि विभाग की टीम ने जिला औषधि विभाग के साथ मिलकर नोएडा के सेक्टर 67 में स्थित मैरियन बायोटेक फार्मा द्वारा निर्मित कफ सिरप का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा गया है।
लैब रिपोर्ट से पता चलेगा कि कफ सिरप से बच्चों की मौत हुई या नहीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मैरियन बायोटेक फार्मा ही 'डॉक वन मैक्स' नाम से खांसी की दवा बनाई जाती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उज्बेकिस्तान सरकार का कहना है कि सिरप में डायएथिलीन ग्लाइकॉल और एथिलीन ग्लाइकॉल का स्तर ज्यादा होने से वह जहरीली साबित हुई। जिसके बाद 18 बच्चों की मौत हुई है। उज्बेकिस्तान के इस दावे के बाद भारत सरकार ने फैक्ट्री की जांच की है और अभी हमारी सारी दवाईयों की बिक्री व निमार्ण पर रोक लगा दी है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया के अनुसार, 27 दिसंबर से भारत और उज्बेकिस्तान के ड्रग रेगुलेटर एक-दूसरे के संपर्क में हैं। जानकारी मिलने पर मैरियन बायोटेक की नोएडा स्थित फैसिलिटी का यूपी ड्रग कंट्रोल और CDSCO की संयुक्त टीम ने इंस्पेक्शन किया। यहां से कफ सिरप के नमूने लिए गए। उन्हें जांच के लिए लैब भेजा गया है। मंडाविया ने कहा कि आगे की कार्यवाही निरीक्षण की रिपोर्ट के आधार पर होगी।
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, नोएडा के सेक्टर 67 स्थित मैरियन बायोटेक एक लाइसेंस्ड मैनुफैक्चरर है। कंपनी को उत्तर प्रदेश के ड्रग्स कंट्रोलर से Dok1 Max सिरप और टेबलेट बनाने और एक्सपोर्ट करने का लाइसेंस मिला हुआ है। मैरियन बायोटेक के लीगल हेड हसन हैरिस ने कहा, सरकार ने फैक्ट्री की जांच की है। अभी हमारी सारी दवाईयों की बिक्री और निमार्ण पर रोक लगाई है। हम वहां 10 साल से हैं और कभी ऐसा मामला नहीं आया। एक ही अस्पताल से ऐसा मामला आया जो संदेह पैदा करता है।
उन्होंने आगे कहा कि मौतों पर हमें अफसोस है। मौत के कारण की सरकार जांच करा रही है। रिपोर्ट के बाद ही कारण स्पष्ट हो पाएगा। उसी के मुताबिक हम आगे की कार्रवाई करेंगे। आपको बता दें कि चार टीमों के संयुक्त अधिकारी ने कंपनी का निरीक्षण किया। जिस दवा को बाहर आपूर्ति की गई है। उस दवा का नमूना लिया गया है। इस सैंपल को सेंट्रल ड्रग्स रेग्युलेट्री को भेज दिया गया है। वहां से इनको लैब भेजा गया है। वहां से रिपोर्ट आने का इंतजार है।












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