SIT REPORT: सुपरटेक के साथ नोएडा प्राधिकरण के 26 अफसरों की मिलीभगत, चार अधिकारी सस्पेंड
लखनऊ, 4 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश में सुपरटेक मामले की जांच कर रही एसआईटी ने रिपोर्ट योगी सरकार को सौंपी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर इस मामले में आगे कार्रवाई करते हुए नोएडा प्राधिकरण के तीन अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया। प्राधिकरण के एक अफसर को पहले ही सस्पेंड किया जा चुका है। एसआईटी की जांच रिपोर्ट में 26 अफसरों को दोषी पाया गया है। इनमें से दो की मौत हो चुकी है। चार को सस्पेंड किया गया है। बाकी बीस अफसर सेवानिवृत हो चुके हैं जिनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के आदेश योगी सरकार ने दिए हैं। इस केस में सुपरटेक के चार डायरेक्टर और दो आर्किटेक्ट के विरुद्ध भी मामला दर्ज है। इनके खिलाफ जांच की जिम्मेदारी विजिलेंस को दी गई है।

सुप्रीम कोर्ट ने सुपरटेक लिमिटेड के बनाए हुए दो टावरों को ध्वस्त करने और निवेशकों को पैसा ब्याज समेत लौटाने का फैसला पिछले महीने दिया था। नोएडा प्राधिकरण ने टावरों के निर्माण के लिए सुपरटेक लिमिटेड को जमीन का आवंटन किया था जिसमें भ्रष्टाचार किया गया था। इस मामले की एसआईटी जांच रिपोर्ट के बारे में अपर मुख्य सचिव औद्योगिक विकास अरविंद कुमार ने बताया है कि नोएडा प्राधिकरण के 26 अफसरों की मिलीभगत पाई गई है। इनमें से चार अफसर अभी सेवा में हैं। तत्कालीन नियोजन सहायक रहे मुकेश गोयल के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जा चुकी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद तत्कालीन सहयुक्त नगर नियोजक ऋतुराज व्यास , तत्कालीन नियोजन सहायक अनीता और सहयुक्त नगर नियोजक विमला सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है।
एसआईटी ने 2004 से 2017 के बीच सेवा में रहे नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों की सुपरटेक लिमिटेड से मिलीभगत की जांच की। सेवानिवृत हो चुके बीस अधिकारियों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एसआईटी की रिपोर्ट में यह कहा गया है कि सुपरटेक लिमिटेड ने आरक्षित ग्रीनबेल्ट की 7000 वर्गमीटर जमीन पर भी कब्जा कर लिया। रिपोर्ट में दोषी पाए गए अधिकारियों के खिलाफ नोएडा प्राधिकरण आगे कार्रवाई कर रही है। साथ ही, ग्रीनबेल्ट की जमीन को भी कब्जा मुक्त कराने की प्रक्रिया चल रही है।












Click it and Unblock the Notifications