नोएडा: सर्दी में बेघरों के लिए सिर्फ एक रैन बसेरा वहां भी बेसहारा महिलाओं के आने पर है बैन
नोएडा।
दिल्ली एनसीआर में सर्दी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है और यहां शीतलहर चलने लगी है। कंपकंपी वाली ठंड से बचाव के लिए जिला प्रशासन और नोएडा ऑथोरिटी ने पर्याप्त इंतजाम नहीं किए हैं। लाखों की आबादी वाले शहर के लिए नोएडा प्रशासन ने सिर्फ एक रैन बसेरा नोए़डा स्टेडियम में बनाया है। यह रैन बसेरा सेक्टर 18, बॉटनिकल गार्डन और सिटी सेंटर जैसे व्यस्त मेट्रो स्टेशन से दूर रहने की वजह से जरूरतमंदों को इसका फायदा नहीं मिल पा रहा है। वहीं इस रैन बसेरे में महिलाओं को आने की अनुमति नहीं है जिस वजह से कई मजबूर परिवार सड़क पर ही खुले आसमान के नीचे सोने को मजबूर हैं। id='are-slot-1' class='oiad oi-axt oiadv'>
रैन बसेरे में महिलाओं को आने की अनुमति नहीं
नोएडा स्टे़डियम के गेट नंबर 5 के पास शहर का एकमात्र रैन बसेरा 1 दिसंबर को शुरू हुआ। यहां 100 लोगों के सोने की व्यवस्था है। सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करनेवाले अभिमन्यु रैन बसेरे में सोते मिले। उन्होंने कहा कि रैन बसेरे में महिलाओं के लिए अलग व्यवस्था नहीं है। यहां महिलाओं को रात गुजारने की अनुमति भी नहीं है इसलिए कई बेघर परिवार ठंड में खुली सड़कों पर सोने को मजबूर हैं।

पेंशनधारी बुजुर्ग ने बताई अपनी पीड़ा
डीयू में लाइब्रेरियन रह चुके बीपी भक्त का दिल्ली में भरा-पूरा परिवार है। उनके परिवार में तीन भाई और तीन बेटे हैं लेकिन वो इस सुविधाविहीन रैन बसेरे में सोते मिले। उन्होंने बताया कि वह लाइब्रेरियन पद से रिटायर्ड हैं और उनको 20 हजार रुपए की पेंशन मिलती है। घर में झगड़ा होने के बाद उनको बेटों ने घर से निकाल दिया और वो पिछले एक हफ्ते से यहां रात बिताने के लिए आ रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन
सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के मुताबिक शहरों में जनसंख्या के आधार पर रात्रिकालीन आश्रय स्थलों का निर्माण किया जाए जहां कंबल, पानी, दवाइयां, शौचालय और बिजली आदि की भी निशुल्क सुविधा बेघर लोगों को दी जाय।












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