Yashni Nagarajan : RBI की नौकरी के साथ-साथ UPSC की तैयारी कर चौथे प्रयास में IAS बनीं यशनी नागराजन
नई दिल्ली, 22 जून। ये हैं यशनी नागराजन। युवा आईएएस अधिकारी हैं। इनकी कहानी उन लोगों को प्रेरित करने वाली है, जो किसी नौकरी में रहते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए समय नहीं निकाल पाने की बात कहते हैं।

चौथे प्रयास में बनीं आईएएस अफसर
यशनी नागराजन भारतीय रिजर्व बैंक में नौकरी करने के साथ-साथ यूपीएससी की तैयारी की और तीन बार फेल होने के बावजूद हिम्मत नहीं हारी। चौथे प्रयास में आईएएस अफसर बनने का ख्वाब पूरा करके ही मानीं।
अरुणाचल प्रदेश के पूर्वी कामेंग में किया ज्वाइन
बता दें कि साल 2019 में 57वीं रैंक हासिल करने वाली यशनी नागराजन को AGMUT यानी अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम व यूनियन टेरिटरी कैडर मिला। यशनी नागराजन ने अब अरुणाचल प्रदेश के पूर्वी कामेंग जिले में असिस्टेंट डिप्टी कमिश्नर (ट्रेनी) के रूप में ज्वाइन किया है। 21 जून को अपने ट्विटर हैंडल पर यह जानकारी शेयर की है।

आईएएस यशनी नागराजन की जीवनी
बता दें कि आईएएस यशनी नागराजन मूलरूप से तमिलनाडु के एक गांव की रहने वाली हैं। पिता की पोस्टिंग के चलते इनका जन्म अरुणाचल प्रदेश में हुआ। यहीं पर पली-बढ़ी और अब अरुणाचल प्रदेश में आईएएस के रूप में ज्वाइन किया है।

यशनी नागराजन आईएएस का परिवार
आईएएस यशनी नागराजन के पिता सिविल इंजीनियर और माता हाईकोर्ट में अधिकारी पद से रिटायर हो चुके हैं। छोटे भाई ने आईआईएम इंदौर से पढ़ाई की है। पिता की अधिकांश सर्विस अरुणाचल प्रदेश में रही है। खुद यशनी नागराजन आरबीआई में ग्रे बी की अधिकारी हैं।

हवा में थीं तब बन गई आईएएस
मीडिया से बातचीत में यशनी नागराजन कहती हैं कि यह इत्तेफाक है कि जब आईएएस बनीं तब हवा में थी। यानी कि जब यूपीएससी का रिजल्ट आया उस वक्त यशनी फ्लाइट में थीं। सुबह 10.30 बजे फ्लाइट में बैठी और दोपहर 12 बजे उतरी। इस बीच यूपीएससी का रिजल्ट आ गया था और यशनी 57वीं रैंक पाकर आईएएस बन गई थीं।
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