बदनाम बटला हाउस में मोदी के नाम पर कौन मांग रहा है वोट
नई दिल्ली (विवेक शुक्ला)। ओखला विधानसभा क्षेत्र में ही आता है बटला हाउस। कभी इधर हुए एनकाउंटर की यादें दिल्ली वालों को अब भी हैं। खूब हुई थी सियासत उस पर। दिल्ली विधानसभा की की तारीख सीट पर चुनाव प्रचार चरम पर है। इस बार पार्टियों द्वारा चुनाव प्रचार में नयी-नयी तकनीकों का प्रयोग किया जा रहा है।

कौन हैं चिश्ती
इधर आजकल गुजरात भाजपा के माइनॉरिटी विंग के महासचिव एम.के. चिश्ती प्रचार कर रहे हैं भाजपा के उम्मीदवार के हक में। चिश्ती यूके में एक धर्म आधारित टीवी चैनल के संस्थापक भी हैं। वह गुजरात में एक दरगाह के गद्दीनशीन भी हैं। वह भाजपा उम्मीदवार ब्रहम सिंह विधड़ी के पक्ष में कैंपेन कर रहे हैं।
केजरीवाल का वीडियो चला
ओखला की अजीम डेरी में आम आदमी पार्टी की ओर से चुनाव प्रचार के दौरान प्रोजेक्टर का इस्तेमाल किया गया, जिसमें आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविन्द केजरीवाल का वीडियो चलाया गया।
जानकारों ने बताया कि इस वीडियो में अरविन्द केजरीवाल ने वहां उपस्थित सभी लोगों से आम आदमी पार्टी को वोट देने की अपील करते हुए अपने सीएम कार्यकाल के दौरान दिल्ली में हुए सुधार को याद दिलाया और इसके साथ ही सत्ता में वापस आने पर दिल्ली का विकास करने एवं इसे भ्रष्टाचार से मुक्त करने का भी विश्वास दिलाया। केजरीवाल को प्रोजेक्टर के माध्यम से सुनने के लिए वहां लोगों की काफी भीड़ जमा हो गई थी।
मुसलमान लड़कियां
बटला हाउस के एल-18 मकान, जिधर एनकाउंटर हुआ था, से कुछ ही दूरी पर बहुत सी मुस्लिम लड़कियां भाजपा नेता यासिर अली जिलानी की गुजारिश पर एकत्र हुईं।
सूरत से दिल्ली
एसआईएमटी इंस्टीट्यूट फॉर वुमेन में इक्ट्ठे हुईं ये युवा मुस्लिम सूफी एम.के.चिश्ती को सुन रहे थीं। सूफी चिश्ती सूरत से दिल्ली आए थे, जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्रों में यह संदेश देने के लिए की भाजपा ही ऐसी पार्टी है जिसने मुस्लिमों के साथ सही व्यवहार किया है। उन्होंने लड़कियों को यह बताया की पीएम मोदी के गुजरात मॉडल के तहत मुस्लिमों की हालत गुजरात में किसी भी ओर राज्य से बेहतर हैं।
इस मौके पर चिश्ती ने कहा, ‘ गुजरात को कई सालों तक बदनाम किया गया। लेकिन गुजरात में सरकारी नौकरियों में 9 प्रतिशत मुस्लिम हैं, और 10.5 प्रतिशत मुस्लिम पुलिस विभाग में हैं। गुजरात के मुस्लिमों की प्रति व्यक्ति आय सबसे ज्यादा है।
मोदी जबसे प्रधानमंत्री बने हैं गुजरात में एक भी दंगे या कर्फ्यू की घटना नहीं हुई। गुजरात में हिंदूओं में साक्षरता दर जहां 65 प्रतिशत है वहीं मुस्लिमों में 69 प्रतिशत है।' पिछले विधानसभा चुनाव में यहां से कांग्रेस के आसिफ मोहम्मद खान जीते थे। इस बार यहां से खान की हालत पतली है।












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