Bobby kinner AAP: पिता चलाते थे ढाबा, अब MCD में रचा इतिहास, कौन हैं बॉबी किन्नर?
समाज की मुख्यधारा से कटे किन्नर समुदाय के लिए जमीन पर लड़ाई लड़ने वाली बॉबी किन्नर की जीत उनके समुदाय के लिए बेहद खास है।
Who is Bobby Kinner ? समाज की मुख्यधारा से कटे किन्नर समुदाय के लिए जमीन पर लड़ाई लड़ने वाली बॉबी किन्नर ने दिल्ली एमसीडी चुनाव में जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया है। बॉबी को आम आदमी पार्टी ने सुल्तानपुरी-ए वार्ड नंबर 43 से उम्मीदवार बनाया था। बॉबी चुनावों में उतरने वाली इकलौती ट्रांसजेंडर उम्मीदवार हैं। उन्होंने बीजेपी की एकता जाटव को करारी हार दी है। इस जीत के पीछे लंबा संघर्ष है, जिसका बॉबी ने डटकर सामना किया और आज ये मुकाम हासिल किया। आइए जानते हैं कौन हैं बॉबी किन्नर ?

संघर्षों में बीता जीवन, छोड़ना पड़ा था घर
बॉबी का अब तक का जीवन बेहद संघर्षपूर्ण रहा है। ट्रांसजेंडर होने की वजह से बॉबी स्कूल के साथ आस-पड़ोस के लोगों से ताने सुनने पड़े। इस वजह से बॉबी को अपना स्कूल ही नहीं, बल्कि घर भी छोड़ना पड़ा था।

15 साल की उम्र में ट्रांसजेंडर समुदाय के गुरु ने लिया गोद
बॉबी करीब 15 साल की थीं, जब उनकी जिंदगी में बदलाव आया। एक ट्रांसजेंडर समुदाय के गुरु ने बॉबी को गोद ले लिया। इसके बाद बॉबी ट्रांसजेंडर समुदाय के साथ ही रहने लगीं। आज सुल्तानपुर माजरा के निवासियों में उनकी पहचान 'बॉबी डार्लिंग' के रूप में है।

पिता चलाते थे ढाबा, शादियों में डांस करती थीं बॉबी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बॉबी के पिता का देहांत हो चुका है। वह एक ढाबा चलाते थे। वहीं, छोटा भाई जॉब करता है। बताया जाता है कि शुरुआत में बॉबी शादी और पार्टियों में डांस भी किया करती थीं। बॉबी 22 साल की उम्र में एक एनजीओ के साथ जुड़ीं और यहीं से अपनी पढ़ाई-लिखाई की। इसकेबाद एक सामाजिक कार्यकर्ता बन गईं।

वंचित बच्चों और ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए किया काम
सामाजिक कार्यकर्ता बनने के बाद बॉबी वंचित बच्चों और ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए काम करने लगीं। बॉबी ने एक इंटरव्यू में बताया था कि वह अभी भी अपने परिवार के साथ संपर्क में हैं। उन्होंने बताया था कि उनकी मां उनसे बहुत प्यार करती हैं। पिता एक छोटा ढाबा चलाते थे, जो अब नहीं रहे। बॉबी ने बताया था कि वह अपनी मां से मिलने के लिए हर महीने जाती हैं।












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