सरकार गिराना चाहते हैं केजरीवाल: विनोद कुमार बिन्नी

गौर हो कि बिन्नी को अनुशासनहीनता के आरोप में पार्टी से निकाल दिया गया है, बिन्नी का कहना है कि वह जनता के हितों के मुद्दे पर केजरीवाल के साथ थे। वह खुद ही मंत्री नहीं बनना चाहते थे। यह इल्जाम झूठे हैं कि वह लोकसभा चुनाव लड़ने का टिकट न मिल पाने के कारण पार्टी से अलग हो रहे हैं। बिन्नी का कहना है अब लोग पार्टी पर सवाल खड़े कर रहे हैं। उनका यह भी कहना है कि 'आप' के कई विधायक उनके पक्ष में हैं, कहीं वो भी मेरे साथ न आ जाएं यहीं सोंचकर पार्टी ने मुझे निकाल दिया है।
बिन्नी ने वादा किया है कि वह 'आप' को मुद्दे से भागने नहीं देंगे। वहीं बिन्नी के बागी तेवरों को देखते हुए 'आप' नेताओं का कहना है कि वह कई भाजपा नेताओं के संपर्क में हैं और उन्हीं के कहने पर ऐसा कर रहे हैं। कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि केजरीवाल भी तीन पुलिस अधिकारियों को निलंबित करने को लेकर इसलिए धरने पर बैठे थे क्योंकि वह लोगों का ध्यान वादों पर से हटाना चाहते थे।
बिन्नी के पार्टी से अलग होने के बाद अब अनुमान लगाया जा रहा है कि कई अन्य विधायक भी पार्टी से अलग हो सकते हैं। बिन्नी की बगावत और केजरीवाल के धरने के बाद अब 'आप' का लेाकसभा चुनाव को लेकर अभियान मुश्किल में पड़ सकता है, पार्टी की आंतरिक कलह से जनता में एक नकारात्मक संदेश गया है।












Click it and Unblock the Notifications