राहुल गांधी की पीएम उम्मीदवारी पर सोनिया ने लगाया अड़ंगा

कार्यसमिति की बैठक के बाद पार्टी महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने बताया कि कांग्रेस में सोनिया के बाद राहुल का ही नंबर आता है और उन्होने पहले ही साफ कर दिया है कि उन्हें पार्टी की तरफ से जो भी जिम्मेदारी दी जाएगी, वह उसके लिए तैयार हैं। कांग्रेस के इस निर्णय पर भाजपा नेता रवि शंकर प्रसाद का कहना है कि कांग्रेस को लोकसभा चुनाव 2014 में होने वाली शर्मनाक हार का आभास हो गया है, अत: पार्टी डर के कारण राहुल को आगे नहीं लाना चाहती है।
कार्यसमिति के इस निर्णय के बाद भाजपा को कांग्रेस के खिलाफ खुलकर बोलने का मौका मिल गया है। कहा जा रहा है कि नरेंद्र मोदी के सामने ये कांग्रेस की रक्षात्मक नीति है, जो ये दर्शाता है कि कांग्रेस ने लड़ाई से पहले ही हथियार डाल दिया है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पिछले दिनों की गई प्रेस कांफ्रेंस में पहले ही साफ कर दिया था कि वह यूपीए 3 के लिए उपलब्ध नहीं होंगे।
जनार्दन द्विवेदी के अनुसार राहुल चुनाव प्रचार करते रहेंगे और वहीं पार्टी का प्रमुख चेहरा भी हैं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं को उम्मीद थी कि कार्यसमिति की बैठक में पार्टी प्रधानमंत्री पद के लिए राहुल गांधी के नाम की औपचारिक घोषणा कर देगी। पार्टी सूत्रों ने कहा था कि पार्टी का एक धड़ा प्रधानमंत्री प्रत्याशी पेश किए जाने के पक्ष में है, जबकि दूसरे समूह को इस तरह के कदम पर आपत्ति है। सूत्रों ने कहा कि जो लोग राहुल को प्रधानमंत्री पद का प्रत्याशी घोषित किए जाने पर जोर दे रहे हैं उनका मानना है कि इसे पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा। ऐसे नेताओं का मानना है कि भाजपा के नरेंद्र मोदी और आप की ओर से अरविंद केजरीवाल को चुनावी चेहरा बनाए जाने की सूरत में कांग्रेस को 'छवि विहीन' होकर नहीं उतरना चाहिए।












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