सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत पर सरकार का फैसला हमें मंजूर होगा: चिदंबरम
नई दिल्ली। यूपीए की सरकार में कई वित्त और गृह जैसे अहम मंत्रालयों के मंत्री रहे कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने कहा है कि सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत देना ना देना सरकार का फैसला है।

29 सितंबर को भारतीय सेना के पीओके में किए गए सर्जिकल स्ट्राइक को पाकिस्तान और यूएन के नकारने के बाद भारत में भी कुछ नेताओं ने इसके सबूत जाहिर करने की मांग की है।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और कांग्रेस नेता संजय निरूपम के सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल करने के बाद भाजपा नेताओं ने भी इन पर जमकर निशाना साधा।
हाल ही में खबर आई थी सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक का वीडियो सरकार को सौप दिया है लेकिन सरकार इसको सार्वजनिक नहीं करना चाहती है। अब इसको लेकर चिदंबरम ने सरकार का समर्थन किया है।
सर्जिकल स्ट्राइक पर हम ज्यादा सही थे
पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में कहा कि स्ट्राइक के सबूत या वीडियो को सार्वजनिक करना और नहीं करने का फैसला सरकार को लेना है और सरकार जो भी फैसला करेगी कांग्रेस उसका समर्थन करेगी।
यूपीए सरकार के अपने कार्यकाल के दौरान सर्जिकल स्ट्राइक को सार्वजनिक ना करने पर चिंदबरम ने कहा कि हमारी रणनीति के तहत इस बारे में सिर्फ सेना और सरकार ने कुछ लोगों तक ही इस जानकारी को सीमित रखना था।
उन्होंने कहा कि यूपीए की सर्जिकल स्ट्राइक को जाहिर ना करने की रणनीति ज्यादा ठीक थी लेकिन वो मौजूदा सरकार की नीति को भी गलत नहीं कहते।
इन दिनों हो रही 'राष्ट्रवादी मीडिया' की बहस पर उन्होंने कहा कि मैं नहीं जानता ये क्या नया नाम है। बस ये कहूंगा कि मीडिया को किसी भी तरफ झुकना नहीं चाहिए और उसे तो बस सही बात कहनी चाहिए।
हाल ही में एक टीवी चैनल के द्वारा उनका इंटरव्यू लिए जाने और फिर उन्हें बताए बिना उसे प्रसारित ना करने का फैसला कर लेने पर उन्होंने कहा कि मुझे तो मेरा इंटरव्यू लेनी वाली पत्रकार ने ही बताया कि इंटरव्यू को प्रसारित नहीं करने का फैसला किया गया है।












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