'आप' के मेट्रो में सफर नहीं कर पाए आम आदमी

मुख्यमंत्री बनने के ऐलान साथ ही केजरीवाल ने मुख्यमंत्री आवास, सरकारी सुरक्षा लेने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वो वीआईपी ट्रीटमेंट के खिलाफ है। हलांकि कुछ ऐसी बातें है जो उनके व्यक्तित्व और उनकी कहीं बातों से मेल नहीं खाती। हम आपको बताते है कि आम आदमी की बातें करने वाले, खर्चों को बचाने वाले केजरीवाल के लिए किस तरह लाखों-लाख सिर्फ शपथ समारोह पर खर्च कर दिया गया। केजरीवाल शपथ समारोह के लिए कौशाम्बी मेट्रो स्टेशन से मेट्रो का सफर करके बाराखंभा मेट्रो स्टेश तक गए। वहां से उन्होंने गाड़ी से रामलीला मैदान तक का सफर तय किया।
खास बात ये कि केजरीवाल आम आदमी दिखने के चक्कर में ऐसा करते रहे, लेकिन अपने इस स्टंट में उन्होंने आम आदमी की मुश्किलें बढ़ा दी। मेट्रो में आम लोगों का सफर दूभर हो गया। मेट्रो में केजरीवाल और आप नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी से आम आदमी को मेट्रो में घुसने की भी जगह नहीं मिली। मेट्रो में भीड़ होने की वजह से कौशांबी से लेकर बाराखंभा रोड तक आम लोग मेट्रो में चढ़ नहीं पाए और उन्हें स्टेशनों पर ही खड़ा रहना पड़ा। मेट्रो में सिर्फ आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता और उनके समर्थन दिख रहे थे। आम जनता को सफर करने के लिए जब तक इंतजार करना पड़ा जब तक कि केजरीवाल का काफिला निकल नहीं गया।
आम तौर पर मुख्यमंत्री शपथ समारोह राज्यपाल भवन में होता है। जां पहले से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होते है, लेकिन केजरीवाल ने शपथ समारोह के लिए रामलला मैदान चुना। खुले मैदान में शपथ समारोह के आयोजन के लिए बड़ी तैयारियां की गई। पूरे मैदान को सजाया गया। लाखों-लाख खर्चा हो गए। 2000 हजार से ज्यादा जवान मैदान की सुरक्षा के लिए लगाए गए। इन खर्चों का बोझ घूम-फिरकर आम जनता पर ही पड़ना है। खर्च तो खर्च केजरीवाल के इस स्टंट के चलते दिल्लीवालों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बारखंभा से रामलीला मैदान तक ट्रैफिकत डाइवर्ट किया गया। लोगों को अपने गणत्व तक पहुंचने के लिए दूसरे रास्तों का इस्तेमाल करना पड़ा।












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