इंकलाब जिंदाबाद के साथ पेश हुआ जन लोकपाल बिल
नई दिल्ली। सोमवार को जिस वक्त दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया जन लोकपाल बिल पेश कर रहे थे उस वक्त सदन के बाहर और अंदर दोनो जगह इंकलाब जिंदाबाद के नारे लग रहे थे। फर्क बस इतना था कि अंदर आप पार्टी के विधायक नारे लगा रहे थे और बाहर आप के विरोधी।

जी हां मनीष सिसोदिया ने जनलोकपाल बिल पेश कर दिया है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की मानें तो यह बहुत शक्तिशाली जनलोकपाल बिल है, जो भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिये काफी है। इसके विपरीत निष्कासित आपियन योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण का कहना है कि ये वो जनलोकपाल नहीं है, जो 2014 में डिजाइन किया गया था।
योगेंद्र और भूषण का दावा है कि केजरीवाल ने अपने निजी स्वार्थ के लिये इस बिल को हलका बना दिया है। उन्होंने कहा कि जो लोग खुद को जनता का मसीहा करार दे रहे हैं, असल में उन्हीं लोगों ने असली जनलोकपाल बिल का गला घोंटा है।
प्रशांत भूषण के साथ करीब 150 लोगों ने दिल्ली विधनभवन के बाहर जमकर प्रदर्शन किया। सरकार के विरुद्ध नारेबाजी कर रहे प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। भूषण का कहना है कि उनकी गिरफ्तारी विधानसभा के स्पीकर के कहने पर हुई है।
प्रशांत भूषण के मुताबिक बिल में क्या हैं 3 बड़ी खामियां-
- 2015 का जनलोकपाल बिल 2014 के बिल से पूरी तरह अलग है।
- लोकपाल की नियुक्ति व हटाने के नियम पूरी तरह बदल दिये गये हैं। यानी मनचाहा लोकपाल तैनात किया जा सकता है।
- बिल में केंद्रीयकर्मियों को भी जांच के घेरे में रखा गया है, जो केंद्र सरकार कतई बर्दाश्त नहीं करेगी और तब केजरीवाल भुक्तभोगी होने का नाटक करेंगे।












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