दिल्‍ली दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर और यहां सरकारें कर रही हैं सिर्फ राजनीति

दिल्‍ली हाईकोर्ट ने कहा कि प्रदूषण के चलते बच्‍चों और अन्‍य लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

नई दिल्‍ली। दिल्‍ली हाईकोर्ट ने प्रदूषण को लेकर केंद्र और राज्‍य सरकारों को फटकार लगाई है। दिल्‍ली हाईकोर्ट ने कहा कि दुनिया भर में दिल्‍ली सबसे प्रदूषित शहरों में से एक है। पर सरकारें सिर्फ वोट की राजनीति कर रही हैं। पर वोट मिलने के बाद जनता का ध्‍यान नहीं दिया जा रहा है।

Pollution in delhi

दिल्‍ली हाईकोर्ट ने कहा कि प्रदूषण के चलते बच्‍चों और अन्‍य लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

प्रदूषण पर कल सुप्रीम कोर्ट करेगा सुनवाई

आपको बताते चलें कि राजधानी दिल्‍ली में बढ़े प्रदूषण को लेकर पर्यायवरणविद्द सुनीता नारायण ने भी याचिका दाखिल की है। इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 10 नवंबर को सुनवाई करेगा।

सुप्रीम कोर्ट ने सुनीता नारायण और एनवायरमेंट पॉल्‍यूशन कंट्रोल अथॉरिटी और अन्‍य पार्टियों की तरफ से दिए गए सुझावों को नोट किया है।

दिल्ली में प्रदूषण के खतरनाक स्तर को लेकर पर्यावरणविद् सुनीता नारायण ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि राजधानी में पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी की स्थिति है। सुप्रीम कोर्ट इस मामले में उनकी एक याचिका पर मंगलवार को सुनवाई करेगा।

Pollution in delhi

दिल्ली में स्मॉग की वजह से हवा बहुत प्रदूषित हो चुकी

दिल्ली में स्मॉग की वजह से हवा बहुत प्रदूषित हो चुकी है और लोगों के स्वास्थ्य को इससे बहुत नुकसान पहुंच रहा है। इस बुरे हालात से निपटने के लिए एनवायरनमेंटल पॉल्यूशन कंट्रोल ऑथोरिटी (EPCA) की मेंबर और सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट की प्रमुख सुनीता नारायण ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका डालकर सख्त कदम उठाने की अपील की है।

दिल्ली सरकार इमरजेंसी एक्शन प्लान पर काम कर रही

सुनीता नारायण ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि दिल्ली के हालात बेहद खराब हो चुके हैं। यहां की हवा में जहर है और पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी का सिचुएशन है। याचिका में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली और आसपास के इलाकों में प्रदूषण की स्थिति की मॉनिटरिंग करे। सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर भी विचार करेगी कि पर्यावरण प्रदूषण को रोकने के लिए अदालत ने पहले जो आदेश जारी किए हैं, उसका ठीक से पालन किया गया है या नहीं। चीफ जस्टिस ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने पहले जो निर्देश दिए हैं उसको लागू करना जरूरी है। याचिकाकर्ता सुनीता नारायण ने कहा है कि दिल्ली सरकार इमरजेंसी एक्शन प्लान पर काम कर रही है लेकिन उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से अपील की है कि वह प्रदूषण की रोकथाम के लिए किए जा रहे उपायों की निगरानी करे।

दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ने रविवार को आपात बैठक बुलाकर प्रदूषण कम करने के लिए कई अहम फैसले लिए। स्कूलों को बंद करने की घोषणा की गई। कंस्ट्रक्शन पर पांच दिन का बैन लगाया गया। बदरपुर थर्मल प्लांट को दस दिन के लिए बंद किया गया है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+