तो दिल्ली फतेह के लिए बढ़ी बैंक एफडी पर रिटर्न, घटे पेट्रोल के दाम
नई दिल्ली (विवेक शुक्ला)। दिल्ली असेंबली चुनाव से ठीक पहले बैंकों की तरफ से बेहतर फिक्स्ड डिपॉजिट रिटर्न देने और पेट्रोल और डीजल के दाम घटने को कुछ लोग जोड़कर देख रहे हैं। इनका दावा है कि केन्द्र सरकार दिल्ली की जनता को लुभाने के लिए इस तरह के ताबड़तोड़ कदम उठा रही है।

दरअसल रिजर्व बैंक ने अपनी मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए बैंकों को ऐसे फिक्स्ड डिपॉजिट शुरू करने की इजाजत दी है जिनमें ज्यादा ब्याज मिलेगा लेकिन शर्त ये है कि उन्हें लंबी अवधि तक तोड़ा नहीं जा सकेगा।
तब रुपये नहीं निकाल पाएँगे
मतलब कि परिपक्वता की तारीख के पहले उनसे रुपए नहीं निकाले जा सकेंगे। इससे बैंकों के पास धन की समस्या नहीं होगी। अब बैंक उन लोगों को ज्यादा ब्याज दे सकेंगे जो अपने फिक्स्ड डिपॉजिट को नहीं तुड़वाएंगे। इससे बैंकों को धन का संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी। अब बैंक एक करोड़ रुपये तक के इस तरह के फिक्स्ड डिपॉजिट ले सकेंगे।
मिडिल क्लास को लाभ
जाहिर है,रिजर्व बैंक के इस फैसले से दिल्ली के लाखों मिडिल क्लास लोगों को लाभ होगा।वरिष्ठ पत्रकार शशि झा कहते हैं कि जिन्हें बेहतर फिक्स्ड डिपाजिट पर मिलेगा, वे तो भाजपा की तरफ मुखातिब होंगे।
घटाई तेल की कीमतें
इसके साथ ही दिल्ली विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमत में क्रमश: 2.42 रुपये और 2.25 रुपये प्रति लीटर की कमी कर दी है।
सवाल उठेंगे
पर राहत जिस वक्त दी गई है उसको लेकर सवाल उठने तय हैं। आम तौर पर चुनाव से पहले पेट्रोल व डीजल की कीमत में कोई बदलाव नहीं करने वाली कंपनियों ने इस बार आगे बढ़ कर आम जनता को तोहफा दिया है।
जानकारों का कहना है कि तेल कंपनियां हर महीने की 14-15 तारीख या 30 या 31 तारीख को कीमतों में बदलाव करती हैं। यह पहला मौका है जब उन्होंने इसके बीच में कीमत बदली है।
दामों में इस बदलाव के बाद दिल्ली में पेट्रोल 58.91 रुपये से घटकर 56.49 रुपये प्रति लीटर हो गई है। इसी तरह से डीजल की नई कीमत 46.01 रुपये प्रति लीटर होगी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में कमी की वजह से तेल कंपनियों ने यह फायदा आम जनता को दिया है।












Click it and Unblock the Notifications