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Dr Tanu Jain के क्यों मुरीद हैं लाखों अभ्यर्थी, 2 माह में कैसे पास की UPSC Pre ?

नई दिल्ली, 26 मई। ये हैं तनु जैन। वो महिला जो डॉक्टर से सिविल सेवक बनीं। DRDO में असिस्टेंट डायरेक्टर पद तक पहुंचीं। Drishti IAS में मॉक इंटरव्यू लेने वाले पैनल व UPSC Aspirants के दिलों में जगह बनाई। लाखों अभ्यर्थी Dr. Tanu Jain के मुरीद हैं। वजह है इनके द्वारा इंटरव्यू लेने का सबसे जुदा अंदाज। सोशल मीडिया पर भी ये छाई रहती हैं। हाल ही मीडिया से बातचीत में डॉ. तनु जैन ने अपनी निजी जिंदगी और यूपीएससी की यात्रा के बारे में कई बातें शेयर की हैं।

ऐसे सवाल नहीं पूछता है यूपीएससी पैनल- dr tanu jain

ऐसे सवाल नहीं पूछता है यूपीएससी पैनल- dr tanu jain

डॉ. तनु जैन कहती हैं कि बहुत सारे लोगों को लगता है कि upsc interview में अभ्यर्थी से अक्सर ये सवाल पूछे जाते हैं कि 'आपके शर्ट में कितने बटन हैं?, पहले अंडा आया या मुर्गी? व आप कितनी सीढियां चढ़कर आए हैं? अगर आपको लगता है कि ये सारे सवाल यूपीएससी इंटरव्यू में पूछे जाते हैं? तो जवाब ना है। यूपीएससी पैनल इस तरह के सवाल नहीं पूछता। यह बात अलग है कि कोई अभ्यर्थी सारे सवालों का जवाब अच्छे से दे चुका हो तो उसकी खुद जागरूकता के लिहाज से कभी कभार किसी पैनल ने ऐसे सवाल पूछे हो।

 दिल्ली-6 में जन्मी डॉ. तनु जैन

दिल्ली-6 में जन्मी डॉ. तनु जैन

सशस्त्र सेना मुख्यालय सिविल सेवा (AFHQCS) बैच 2015 की अधिकारी डॉ. तनु जैन कहती हैं कि उनका जन्म दिल्ली-6 के सबसे भीड़भाड़ वाले इलाके सदर बाजार के जैन परिवार में हुआ। बचपन में पढ़ाई में मेरी खास दिलचस्पी नहीं थी। खेलकूद में मेरा ज्यादा मन लगता था। पढ़ाई को लेकर मैं 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद गंभीर हुई।

मां पूछती बड़ी होकर क्या बनोगी?

मां पूछती बड़ी होकर क्या बनोगी?

बकौल तनु जैन, मेरी मां मुझसे बचपन से अक्सर एक सवाल पूछा करती थी कि 'तुम्हे बड़ी होकर क्या बनना है? इसी सवाल के जवाब ने मुझे मॉटिवेट किया कि आखिर मुझे बनना क्या है? 12वीं तक तो मैं इस सवाल के जवाब को लेकर क्लीयर नहीं थी। इसी वजह से मैं मेडिकल साइंस की पढ़ाई की जबकि यह तय ही नहीं था कि मुझे कौनसा डॉक्टर बनना है'

ऐसे शुरू हुआ यूपीएससी का सफर

ऐसे शुरू हुआ यूपीएससी का सफर

मेडिकल की पढ़ाई में इंटर्नशिप में मुझे पता चला कि यूपीएससी में ऐसी भी कोई परीक्षा होती है, जिससे सीधे बड़े अफसर बनते हैं। उस समय तो मुझे ये भी नहीं पता था कि आईएएस व आईपीएस अधिकारी करते क्या हैं? फिर मुझे ये समझ आया कि आईएएस व आईपीएस के कामकाज की भले ही जानकारी नहीं हो, मगर इन्हें समाज बड़ा समझदार समझता है और मुझे भी आईएएस आईपीएस बनना है बस। मैं यूपीएससी की तैयारियों में जुट गई।

नई सड़क से लाईं किताबें, दो माह पढ़ी

नई सड़क से लाईं किताबें, दो माह पढ़ी

तनु जैन कहती हैं कि हमारे परिवार में से किसी ने यूपीएससी परीक्षा नहीं दी थी। ऐसे में उन्हें पता नहीं था कि इसकी तैयारी कैसे की जाती हैं। जब यह बात उन्होंने अपनी मां से बताई तो मां-बेटी यूपीएससी की तैयारी के लिए किताबें खरीदने के लिए दिल्ली की नई सड़क गईं। वहां से दो-चार किताब उठा लाईं। फिर दोस्तों से गाइडेंस मिला और महज दो माह की तैयारी में यूपीएससी प्री परीक्षा दी और पास भी कर डाली।

पहली बार में मुख्य परीक्षा पास नहीं हुई

पहली बार में मुख्य परीक्षा पास नहीं हुई

महज दो माह की तैयारी में यूपीएससी प्रीलिम्स क्रैक करने के बाद मुझमें आत्मविश्वास आ गया था कि मैं आईएएस बन सकती हूं, मगर कम तैयारी के कारण पहले प्रयास में मुख्य परीक्षा पास नहीं कर पाई। उस असफलता ने मुझे ये सोचने पर मजबूर किया कि मैं ऐसी कौनसी गलतियां कर रही हूं जो मुख्य परीक्षा पास नहीं हुई। मैंने उन गलतियों में सुधार किया। वहीं से मैंने आत्म परीक्षण करना शुरू किया।

तनु जैन का दूसरा प्रयास

तनु जैन का दूसरा प्रयास

तनु जैन कहती हैं कि मैंने सारी गलतियों को सुधार कर दूसरी बार प्रयास किया। इस बार प्री व मेंस दोनों में सफलता हा​थ लगी। तब मुझे लगता था कि अब मैं यूपीएससी इंटरव्यू तो यूं ही पास कर लूंगी क्योंकि मेरी नेशनल व इंटरनेशनल मामलों में समझ अच्छी है। मैं स्कूल के समय से ही वाद विवाद प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेती रही हूं। पहली बार के इंटरव्यू में मुझे सिर्फ 151 नंबर मिले। हालांकि चयन हो गया था।

इंटरव्यू में नंबर ऐसे बढ़ाए

इंटरव्यू में नंबर ऐसे बढ़ाए

तनु जैन कहती हैं कि मैंने तीसरा प्रयास किया। दूसरे प्रयास में मैंने पहले मुख्य परीक्षा की गलतियों को सुधारा था उसी तरह से तीसरे प्रयास में इंटरव्यू में ज्यादा नंबर लाने की कोशिश की। उसके लिए अभ्यर्थी को चाहिए कि वो अपने किसी आदर्श अफसर को फॉलो करें। उनकी पर्सनलिटी से कुछ सीखें। उनकी बातचीत का तरीका कैसा है? वो किसी भी बात को कैसे फैक्ट के साथ रखते हैं?

डॉ. तनु जैन की लव स्टोरी

डॉ. तनु जैन ने यूपीएससी परीक्षा के शुरुआती प्रयासों में अफसलता के बाद अपने खास दोस्त गाइड एंड फिलॉस्फर वात्सल्य कुमार की मदद ली। तनु व वात्सल्य ने इंटरव्यू की अच्छी तैयारी की। नतीजा यह रहा कि इस बार इंटरव्यू में 200 नंबर आए। बाद में वात्सल्य कुमार व तनु जैन की दोस्ती प्यार में बदली और दोनों ने शादी कर ली।

 डॉ. तनु जैन का जीवन परिचय

डॉ. तनु जैन का जीवन परिचय

पूरा नाम - डॉ. तनु जैन
जन्मतिथि - 17 जुलाई 1986

जन्मस्थान- सदर बाजार,दिल्ली-6
प्रोफेशन - डॉक्टर, आईएएस अफसर
यूपीएससी रैंक - AIR 648 UPSC 2014
पद - असिस्टेंट डायरेक्टर ऑफ डीआरडीओ
प्रसिद्ध - Drishti IAS में प्रसिद्ध interviewer
शुरुआती शिक्षा - कैम्ब्रिज पब्लिक स्कूल, श्रीनिवासपुरी नई दिल्ली
उच्च शिक्षा - सुभारती मेडिकल कॉलेज मेरठ से BDS
आईएएस कैडर - Armed Forces Headquarter Services
पति - वात्सल्य कुमार

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