गांधी परिवार के न होते तो 'छुटभैया' नेता होते राहुल गांधी: अरूण जेटली

अलग मुद्दों पर क्या प्रतिक्रिया दी-
1984 के सिख दंगों पर
राहुल गांधी द्वारा नरेंद्र मोदी को 2002 के गुजरात दंगों के लिए दोषी ठहराये जाने पर अरूण जेटली ने जवाब दिया कि नरेंद्र मोदी को सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित एसआईटी ने क्लीन चिट दे दी है। जबकि अभी 1984 में हुए दंगों का जवाब कांग्रेस ने नहीं दिया। मुझे याद है कि जब इंदिरा गांधी का शव एम्स में रखा था तो नारा 'खून का बदला खून' जोर शोर से बोला जा रहा था। कई कांग्रेस नेता भीड़ का नियंत्रण कर रहे थे जो कि नरसंहार कर रही थी। पुलिस ने भीड़ को तितर बितर करने के लिए एक भी गोली नहीं चलाई। मामले की जांच के लिए कांग्रेस ने एक कमेटी बनाई जिसकी रिपोर्ट एक दिखावा थी, बाद में जांच आयोग के मुखिया को कांग्रेस का राज्यसभा सदस्य बना दिया गया। जबकि गुजरात दंगों के दौरान पुलिस की कार्रवाई में लगभग 300 लोग मारे गये थे, जिससे पता चलता है कि पुलिस ने कार्रवाई की थी। गुजरात दंगों में लगभग चार हजार केस दर्ज हुए सैकड़ों लोगों को जेल हुई मुख्यमंत्री को खुद जांच के कई दायरों से गुजरना पड़ा।
भ्रष्टाचार पर
अरूण जेटली का कहना है कि राहुल गांधी सिस्टम साफ करने की बात करते हैं, इसे बदलने की बात करते हैं लेकिन बिहार में उन्होने लालू यादव की राजद के साथ गठबंधन किया जो कि चारा घोटाला मामले में जिम्मेदार पाए गये। उन्होने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के भ्रष्टाचार पर कुछ नहीं कहा। वह कभी भी टू जी स्पेक्ट्रम आवंटन और कोयला ब्लॉक आवंटन पर कभी नहीं बोले।
अरूण ने कहा कि हमारी पार्टी में पहले ब्लॉक यूनिट और जिला यूनिट नेताओं पर निर्णय लेती है, जिसके बाद केंद्रीय कमेटी उन पर अंतिम निर्णय करती है, जबकि कांग्रेस में ऐसा नहीं होता है। अरूण के अनुसार राहुल भारत को मैन्युफैचरिंग हब बनाना चाहते हैं लेकिन वह पहले ये तो बताएं कि पिछले दस वर्षों में उनकी सरकार ने क्या किया है।












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