तुरन्त हटाई गई नेम-प्लेट! मुस्लिम दुकानदारों ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर जताई खुशी, निसार और आरिफ भी खुश
Muzaffarnagar, Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कावड़ यात्रा के रूटों पर स्थित दुकानों के सामने दुकानदारों के नाम उजागर करने तथा नियंत्रित लगाए जाने के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दिया है।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक लगाई जाने के बाद खास तौर पर मुजफ्फरनगर जनपद में दुकानदारों ने अपने दुकान पर लगाए गए नेम प्लेट को हटा दिया है। दुकानदारों का कहना है कि नेम प्लेट लगाए जाने से उनका काफी नुकसान हो रहा था।

पिछले दिनों सोशल मीडिया पर नेम प्लेट लगाई जाने के बाद जमकर वायरल हुए निसार और आरिफ फल वाले भी अपनी दुकान से नेम प्लेट हटा दिए हैं। खास तौर पर मुस्लिम धर्म की दुकानदारों सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय पर खुशी जाहिर की गई है।
इस बारे में मुस्लिम दुकानदारों ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा बहुत ही अच्छा निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि दुकान पर नेम प्लेट लगाई जाने के बाद ऐसा लग रहा था कि हम समाज से अलग हो चुके हैं। गुजरने वाले ग्राहक के देखने का नजरिया भी अजीब लग रहा था।
दुकानदारों ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा लिए गए इस निर्णय के लिए हम शुक्रगुजार हैं। दुकानदार ने यह भी कहा कि सरकार द्वारा ऐसा फैसला नहीं लिया जाना चाहिए जिससे समाज के लोगों को नुकसान पहुंचे। हम लोग खुद कावड़ यात्रियों को पानी पिलाते हैं और नहाने के लिए पानी देते हैं।
दुकान के सामने बांस लगाकर हम लोग उन्हें कांवड़ टांगने/रखने के लिए भी बनाते हैं। ऐसे में गंगा जमुनी तहजीब के बीच सरकार द्वारा इस तरीके का आदेश जारी करना कहीं से सही नहीं प्रतीत हो रहा था। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक लगाया जाना बहुत ही अच्छा निर्णय है।
मामले में सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट द्वारा आदेश दिया गया कि दुकानदारों को अपनी पहचान बताने के लिए दुकानों पर नाम लिखने की जरूरत नहीं है। हाला की हाई कोर्ट ने यह भी कहा कि दुकानदार को शाकाहारी या मांसाहारी भोजन की जानकारी जरूर देनी होगी।












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