भाजपा से गठबंधन टूटने के बाद राज ठाकरे से हाथ मिला सकते हैं उद्धव ठाकरे
भाजपा से 25 साल पुराना गठबंधन खत्म करने के बाद शिवसेना बीएमसी चुनाव के लिए मनसे के साथ आ सकती है। बीएमसी की 227 सीटों में से 177 पर शिवसेना और 50 पर मनसे चुनाव लड़ेगी।
मुंबई। भारतीय जनता पार्टी से गठबंधन खत्म होने के बाद शिवसेना बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) चुनाव के लिए महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना से हाथ मिला सकती है। फाइनेंशियल एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, बीएमसी की 227 सीटों में से 177 पर शिवसेना और 50 सीटों पर मनसे चुनाव लड़ सकती है। संभावना जताई जा रही है कि पुणे और ठाणे के नगर निगम चुनाव के लिए भी दोनों पार्टियां साथ में लड़ सकती है। जिला पंचायत की 25 सीटों पर होने वाले चुनाव भी दोनों पार्टियों के नेता साथ में लड़ने की संभावना तलाश रहे हैं।

शिवसेना के मुखिया जहां उद्धव ठाकरे हैं, तो वहीं महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना की कमान उनके चचेरे भाई राज ठाकरे के हाथ में हैं। काफी समय तक दोनों भाईयों ने साथ-साथ ही राजनीति की है। दोनों पार्टियों की विचारधारा भी मिलती-जुलती है और दोनों ही पार्टियां मराठा पहचान की राजनीति करती हैं। ऐसे में दोनों पार्टियां साथ आ कर चुनाव लड़ सकती हैं। इसके साथ-साथ महाराष्ट्र में भाजपा के बढते प्रभाव को भी शिवसेना और मनसे रोकना चाहती हैं।
आपको बता दें कि भाजपा और शिवसेना काफी पुराने साथी रहे हैं। 25 साल तक गठबंधन में रहने के बाद अब दोनों अलग हो गए हैं। इसके पीछे बीएमसी चुनाव में सीटों का बंटवारा है। बीएमसी की 227 सीटों में से बीजेपी आधी सीटें चाहती थी जबकि शिवसेना भाजपा को 60 सीट देने की बात कह रही थी। जिससे दोनें पार्टियों में टकराव बढ़ गया और दोनों के रास्ते अलग-अलग हो गए। 21 फरवरी को 227 सीटों वाली मुंबई महानगरपालिका में वोट पड़ने हैं। इसी के साथ नौ महानगरपालिका और 25 जिला परिषद के चुनाव भी महाराष्ट्र में होने हैं। राज्य में बीएमसी के अलावा पुणे, नासिक, कोल्हापुर और नागपुर नगर निगमों के चुनाव भी होने हैं।












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