मुंबई पुलिस ने माना, हमने संजय राउत और एकनाथ खड़से का फोन टेप किया, बताई वजह
मुंबई, 20 अप्रैल। महाराष्ट्र में फोन टैपिंग को लेकर एक बार फिर से भूचाल आ गया है। मुबई पुलिस ने फोन टैपिंग के मामले में बयान जारी करके कहा है कि शिवसेना नेता संजय राउत, एनसीपी नेता एकनाथ खड़से का फोन असामाजिक तत्व के चलते किया गया था। पुलिस की ओर से कहा गया है कि जांच के दौरान यह बात सामने आई कि स्टेट इंटेलिजेंस डिफार्टमेंट ने अपने पत्र में असामाजिक तत्व का जिक्र किया था, इस पत्र को एसीएस होम को भेजा गया था, जिसके बाद उनकी इजाजत के बाद फोन को टेप किया गया था। इजाजत मिलने के बाद ही एनसीपी नेता एकनाथ खड़से का फोन 67 दिनों के लिए टेप किया गया, जबकि संजय राउत का फोन 60 दिनों के लिए टेप किया गया था।

Recommended Video
वहीं मुंबई पुलिस के बयान के बाद संजय राउत ने कहा कि उस वक्त की एसआईडी कमिश्वर रश्मि शुक्ला ने हम सभी को गलत तरह से फंसाया, जिनके फोन 2019 में सरकार बनाने के समय असामाजिक तत्व होने का हवाला देकर टैप किया गया। हमारी निजता का उल्लंघन किया गया था। केंद्र सरकार ऐसे पुलिस अधिकारियों को संरक्षण दे रही है जो एक पार्टी विशेष के लिए काम कर रहे है। गौर करने वाली बात है कि हाल ही में संजय राउत ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा था कि पार्टी केंद्रीय एजेंसियों का गलत इस्तेमाल कर रही है।
विक्रांत घोटाले में भाजपा नेता किरीट सोमैया को बॉम्बे हाई कोर्ट ने गिरफ्तारी से संरक्षण दिया था, जिसके बाद राउत ने कोर्ट पर सवाल खड़ा करते हुए कहा था कि इसी वजह से लोगों का कोर्ट से भरोसा उठ गया है। एक पार्टी विशेष को राहत दी जा रही है जबकि दूसरे दल के लोगों के नेताओं के खिलाफ फैसले दिए जा रहे हैंं। संजय राउत के इस बयान के बाद बार एसोसिएशन ने उनके खिलाफ अवमानना की याचिका दायर की है।












Click it and Unblock the Notifications